कोरोना से रेलवे की जंग! कर्मचारियों को मिलती रहेगी सैलरी, फोकस मालगाड़ियों पर

भारतीय रेलवे ने ठेके और आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को ट्रेन सेवाओं के निलंबित रहने के बावजूद उनका पारिश्रमिक देने का फैसला किया है.

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31 मार्च तक बंद हैं रेलवे की पैसेंजर्स ट्रेन 31 मार्च तक बंद हैं रेलवे की पैसेंजर्स ट्रेन

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 4:39 PM IST

  • रेलवे की ओर से पैसेंजर्स ट्रेनों पर 31 मार्च तक रोक लगाई गई है
  • ठेके वाले स्टाफ को अधिकतम 70 फीसदी भुगतान किया जाएगा

कोरोना वायरस के खिलाफ भारतीय रेलवे की जंग जारी है. रेलवे की ओर से पैसेंजर्स ट्रेनों पर 31 मार्च तक रोक लगाई गई है. वहीं, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब पूरा फोकस मालगाड़ियों के संचालन पर रहेगा. इसके साथ ही रेलवे ने ठेके और आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को ट्रेन सेवाओं के निलंबित रहने के बावजूद उनका पारिश्रमिक देने का फैसला किया है.

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पीएम मोदी के निर्देश पर की पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के मुताबिक रेलवे ने इस पहल में अगुआई की है. रेलवे के ठेके वाले स्टाफ को अधिकतम 70 फीसदी भुगतान किया जाएगा, चाहे वो लॉकडाउन की वजह से 31 मार्च तक छुट्टी पर हों. भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस महामारी खतरे की वजह से देश भर में ट्रेन सेवाओं का संचालन 31 मार्च 2020 तक निलंबित रखने का फैसला किया है. इस वक्त रेलवे की ओर से सिर्फ मालगाड़ियों का ही संचालन किया जा रहा है. रेलवे की ओर से हर मुमकिन कोशिश की जा रही है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध चलती रहे.

सक्रिय हैं रेलवे के स्टाफ

विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन की वजह से भारतीय रेलवे स्टाफ दिन रात गुड्स शेड्स, स्टेशन और कंट्रोल आफिसों में तैनात रहकर सुनिश्चित कर रहा है कि देश के किसी भी हिस्से में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो. 23 मार्च को आवश्यक वस्तुओं में खाने-पीने की चीजें, नमक, खाद्य तेल, चीनी, दूध, फल, सब्जी, प्याज, कोयला और पेट्रोलियम उत्पादों के 474 रैक्स लोड किए गए. पूरे दिन में भारतीय रेलवे ने कुल 891 रैक्स लोड किए किए गए.

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रेलवे की ओर से राज्य सरकारों के साथ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर समन्वय किया जा रहा है, जिससे कि Covid19 से जुड़ी पाबंदियों की वजह से कहीं कोई किल्लत ना हो. भारतीय रेलवे ने विलंब शुल्क और गोदी शुल्क वस्तुओं और पार्सलों के लिए निर्धारित दरों से 31 मार्च तक के लिए आधा कर दिया है.

रेलवे अस्पताल भी 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं. भारतीय रेलवे इस मुश्किल घड़ी में अपनी अहम भूमिका समझता है. रेलवे की ओर से सभी स्टेकहोल्डर्स से आवश्यक आपूर्तियों की तेज लोडिंग और अनलोडिंग में सहयोग देने की अपील की है.

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