हेल्थ इंश्योरेंस कारोबार से बाहर जाएगी अपोलो म्यूनिख, HDFC लेगी 51 फीसदी हिस्सेदारी

एचडीएफसी लिमिटेड 1,336 करोड़ रुपये में अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में अपोलो समूह की पूरी 50.8 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. इसके बाद अपोलो म्यूनिख का विलय एचडीएफसी एर्गो में हो जाएगा.

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अब हॉस्पिटल कारोबार पर फोकस करेगा अपोलो ग्रुप अब हॉस्पिटल कारोबार पर फोकस करेगा अपोलो ग्रुप

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2019,
  • अपडेटेड 11:01 AM IST

हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी अपोलो म्यूनिख इस कारोबार से बाहर जाने की तैयारी कर रही है. एचडीएफसी लिमिटेड 1,336 करोड़ रुपये में अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में अपोलो समूह की पूरी 50.8 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी. कंपनी ने बुधवार को इसकी घोषणा की है.

एचडीएफसी और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने दिन में इस संबंध में निर्णायक करार को मंजूरी प्रदान की. कंपनी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अपोलो की हिस्सेदारी के लिए 1,336 करोड़ रुपये और कुछ कर्मचारियों की 0.4 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 10.84 करोड़ रुपये का यह सौदा विनियामक की मंजूरी के अधीन है.

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एचडीएफसी द्वारा शेयरों के अधिग्रहण के बाद अपोलो म्यूनिख का विलय इसकी साधारण बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ हो जाएगा, जोकि अभी विनियामक, शेयरधारकों व अन्य की मंजूरी के अधीन है. इस कंपनी की दूसरी साझेदार म्य‍ूनिक हेल्थ जर्मनी सौदे के लिए अपोलो हॉस्प‍िटल एंटरप्राइज और अपोलो एनर्जी को 294 करोड़ रुपये देगी.

इस सौदे की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक अपोलो समू‍ह अपने हॉस्पिटल कारोबार पर फोकस करना चाह रहा है. इस एचडीएफसी एर्गो से विलय के बाद बनने वाली कंपनी का सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम 10,807 करोड़ रुपये का हो जाएगा. गैर जीवन बीमा कारोबार में इसकी सामूहिक बाजार हिस्सेदारी 6.4 फीसदी और शाखाएं 308 हो जाएंगी. इसी तरह दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में यह 8.2 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरी सबसे बड़ी निजी कंपनी बन जाएगी.

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क्या होगा ग्राहकों को फायदा?

ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस विलय से पॉलिसी धारकों को काफी फायदा होगा, क्योंकि उन्हें ज्यादा प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी इनोवेशन का फायदा मिलेगा. अपोलो समूह ने कहा है कि इस बिक्री से मिले फंड का इस्तेमाल वह अपने हेल्थकेयर कारोबार में निवेश के लिए करेगा और उसे बढ़ाने की कोशिश करेगा.

अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस की चेयरपर्सन शोभना कमिनेनी ने कहा, 'हमें यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हम अपोलो म्यूनिख की जिम्मेदारी एचडीएफसी जैसे प्रतिष्ठि‍त समूह को सौंप रहे हैं. हमें पूरा भरोसा है कि नए शेयरधारक  इस कारोबार को और ऊंचाई तक पहुंचाएंगे तथा सभी पक्षों को इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा. हम इससे हासिल फंड का इस्तेमाल अपने मुख्य हेल्थकेयर कारोबार को बढ़ाने के लिए करेंगे.' 

( www.businesstoday.in और पीटीआई के इनपुट के साथ)

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