एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, मंत्री ने कहा

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. केंद्रीय मंत्री पुरी ने लोकसभा में यह बात कही.

एयर इंडिया विमान की फाइल फोटो (IANS)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

  • संसद में हरदीप पुरी ने दी जानकारी
  • सरकार इसे बंद करने पर कर रही विचार

वित्तीय संकट से गुजर रही एयर इंडिया को सरकार ने बेचने की तैयारी कर ली है. इस मामले में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. केंद्रीय मंत्री पुरी ने लोकसभा में यह बात कही.

हरदीप पुरी इससे पहले राज्यसभा में कह चुके हैं कि एयर इंडिया का निजीकरण नहीं होने की स्थिति में इसे बंद करना होगा. उन्होंने हालांकि कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए एक सही सौदा तय किया जाएगा. पुरी ने कहा, "मैं उस हद तक जाऊंगा और यह कहूंगा." इसके बाद पुरी ने कहा कि निजीकरण नहीं होने पर एयरलाइन को बंद कर दिया जाएगा.

सरकार इस सरकारी कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली दस्तावेज तैयार कर रही है और विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च निर्धारित की गई है. पहले के प्रयास में मोदी सरकार ने मई 2018 में अपनी 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया था लेकिन बोली के पहले चरण में एक भी निजी पार्टी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई.

भारी कर्ज में कंपनी

एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में 8,400 करोड़ रुपये का जबरदस्त घाटा हुआ. एयर इंडिया पहले से ही लंबे समय से पैसों की कमी से जूझ रही है और कर्ज के बोझ से दबी हुई है. ज्यादा ऑपरेटिंग कॉस्ट और फॉरेन एक्सचेंज लॉस के चलते कंपनी को भारी घाटा उठाना पड़ा है. एयर इंडिया को एक साल में जितना घाटा हुआ है उतने में तो एक नई एयरलाइंस शुरू की जा सकती है.

एयर इंडिया पर फिलहाल करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें विमानों की खरीद और कार्यशील पूंजी हेतु लिए गए दीर्घकालिक कर्ज भी शामिल हैं.

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