भारत-चीन सीमा पर तनाव और जीडीपी के आंकड़ों में गिरावट के बीच मंगलवार को शेयर बाजार की बढ़त के साथ शुरुआत हुई. कारोबार के अंत तक ये बढ़त कायम रही. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 39000 अंक के स्तर को पार कर लिया था लेकिन अंत में 272 अंक मजबूत होकर 38,900 अंक पर रहा. निफ्टी की बात करें तो ये 82 अंक मजबूत होकर 11,500 अंक के करीब पहुंच गया.
बीएसई इंडेक्स पर कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयर 7 फीसदी तक चढ़े. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बकाया एजीआर पर टेलीकॉम कंपनियों को राहत दी है. इसके तहत अब 10 साल तक टेलीकॉम कंपनियां एजीआर बकाया चुका सकेंगी. इस खबर का फायदा एयरटेल को मिला. हालांकि, आर्थिक रूप से बदहाल हो चुकी वोडाफोन आइडिया के शेयर में करीब 14 फीसदी तक की गिरावट आई. बीएसई इंडेक्स पर ओएनजीसी, एक्सिस बैंक और टेक महिंद्रा के शेयर लाल निशान पर रहे.
जीडीपी के आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट
बता दें कि वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) की जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट आई है. भारत ने तिमाही जीडीपी के आंकड़े जब से जारी करने शुरू किये हैं, उसमें यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. इसके पहले अगर जीडीपी नेगेटिव होने बात करें तो यह 1979-80 में हुई थी, जब सालाना जीडीपी में 5.2 फीसदी की गिरावट आई थी.
सोमवार को बढ़त पर लगा ब्रेक
शेयर बाजारों में पिछले छह कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर सोमवार को विराम लग गया. भारत-चीन सीमा पर फिर से तनाव की खबर के बाद बीएसई सेंसेक्स में 839 अंक की भारी गिरावट आयी. तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स में मजबूत शुरूआत हुई और सुबह के कारोबार में यह 40,000 अंक पर पहुंच गया. बाद में इसमें गिरावट आयी और यह दिन के उच्च स्तर से 1,600 अंक से भी अधिक नीचे आ गया. अंत में यह 839.02 अंक यानी 2.13 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 38,628.29 अंक पर बंद हुआ. इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 260.10 अंक यानी 2.23 प्रतिशत टूटकर 11,387.50 अंक पर बंद हुआ.
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