अब 1.25 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री... फिर कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर क्यों मायूस? 5 points में समझें

वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने अपने बजट भाषण में कुछ खास एसेट्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को भी 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने का ऐलान किया, तो वहीं कुछ एसेट्स पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में भी इजाफा करके इसे 20 फीसदी किया गया है.

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कैपटिल गेन्स टैक्स में इजाफे का पूरा गणित कैपटिल गेन्स टैक्स में इजाफे का पूरा गणित

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 12:10 PM IST

मोदी 3.0 का पहला बजट (Budget 2024) पेश किया जा चुका है. मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने बजट भाषण में कई बड़े ऐलान किए, जिनमें टैक्सपेयर्स (Taxpayers) से लेकर शेयर बाजार में निवेश करने वालों (Stock Market Investors) तक से जुड़ी घोषणाएं शामिल थीं. इनका असर मार्केट पर भी देखने को मिला था. बजट में कैपिटल गेन्स टैक्स में इजाफे से जुड़ा ऐलान किया गया, तो पहले से सुस्ती दिखा रहे शेयर बाजार का मूड बिगड़ गया और सेंसेक्स 1200 अंक, जबकि निफ्टी 500 अंक तक फिसल गया. लेकिन गौर से देखें तो इसके घाटे के साथ फायदे भी हैं. आइए पांच पॉइंट में समझते हैं कैसे... 

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1- बजट में किया गया क्या बदलाव? 
सबसे पहले बात कर लेते हैं कि वित्त मंत्री सीतारमण ने आखिर बजट 2024 में कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव क्या किया है? दरअसल, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री ने कुछ खास एसेट्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को भी 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है. वहीं कुछ एसेट्स पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में भी इजाफा करके इसे 15 से 20 फीसदी किया गया है. शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स में 5 फीसदी की, तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में 2.5 फीसदी की वृद्धि की गई है. 

2- शेयर बाजार से कमाई पर देना होगा ज्यादा हिस्सा
कैपिटल गेन्स टैक्स में बढ़ोतरी का सरकार का फैसला शेयर बाजार निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब Stock Market Investment से होने वाली कमाई में से निवेशक को ज्यादा हिस्सा देना होगा. इसे इस तरीके से समझते हैं कि अगर आप किसी स्टॉक को खरीदते हैं तो आपको लाभ या नुकसान में से कुछ भी हो सकता है. अगर आपको लाभ होता है, तो फिर उसपर सरकार जो टैक्स लेती है, उसे ही Capital Gains Tax कहा जाता है.

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इसमें दो ब्रैकेट हैं, पहला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG). इसे साफ शब्दों में समझें तो अगर किसी शेयर में निवेश करने के बाद आप इसे 1 साल के भीतर बेचते हैं, तो आप से एसटीसीजी लिया जाएगा और अगर 1 साल के बाद सेल करते हैं, तो कमाई पर एलटीसीजी वसूला जाएगा. लॉन्ग टर्म में अब तक मुनाफे पर 10 फीसदी दर से टैक्‍स देना होता था, जो 12.5 फीसदी हो गया है.

3- शेयर बाजार में इसी वजह से आई गिरावट
निवेशकों की नाखुशी का असर इस घोषणा के बाद तत्काल नेगेटिव रिस्पॉन्स के रूप में दिखाई दिया. Share Market में निवेश करने वालों पर सरकार के इस फैसले से जो बोझ बढ़ने वाला है, उसके चलते बजट के दिन शेयर बाजार का मूड अचानक से बिगड़ा और Sensex-Nifty में बड़ी गिरावट देखने को मिली. इसका असर बजट के बाद बुधवार को भी शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है और सुबह ओपन होने के बाद से ही सेंसेक्स निफ्टी आंख मिचौली करते हुए दिखाई दे रहे हैं. सेंसेक्स जहां 100 अंक, तो निफ्टी 30 अंक फिसलकर कारोबार कर रहा है. 

4- छोटे निवेशकों को मिल गया फायदा
एक ओर जहां कैपिटल गेन्स टैक्स में इजाफे के साथ शेयर बाजार में मोटा निवेश करने वालों को झटका लगा है, तो वहीं इसी से जुड़े वित्त मंत्री के एक अन्य ऐलान से छोटे निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो गई. दरअसल, बजट में सरकार ने कैपिटल गेन टैक्स की छूट की लिमिट बढ़ा दी है. पहले आपको 1 लाख रुपये तक के मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं देना होता था, लेकिन अब इसमें 25,000 रुपये का अतिरिक्त इजाफा किया गया है. यानी इसे बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दिया गया है और ये इतना प्रॉफिट अब टैक्स फ्री रहेगा. यह बदलाव शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन, दोनों पर लागू किया जाएगा. हालांकि, इस बदलाव से खासतौर पर छोटे इन्वेस्टर्स को लाभ होगा. 

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जहां कैपिटल गेन्स टैक्स में इजाफे का असर शेयर बाजार में गिरावट के रूप में दिखा था, तो वहीं 25,000 रुपये की अतिरिक्त छूट के ऐलान का प्रभाव जोरदार गिरावट की तेज रिकवरी के रूप में मंगलवार को ही देखने को मिला था. ऐसे में ये बाजार के बूस्टर के तौर पर सामने आ सकता है.   

5- झटके के साथ राहत भी मिली
हालांकि, कैपिटल गेन्स टैक्स में हुए इस इजाफे से निश्चित तौर पर Stock Market में निवेश करने वालों का बोझ बढ़ा है. लेकिन दूसरी ओर आपको यह भी समझना चाहिए कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स की छूट सीमा में जो इजाफा किया गया है आप संभावित रूप से पूंजीगत लाभ करों पर पैसे बचा सकते हैं, भले ही LTCG कर की दर थोड़ी बढ़कर 12.5% ​​(10% से ऊपर) हो गई हो.

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