Government Scheme: इस राज्य में खेती की मशीनों पर 40% सब्सिडी, जानिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन

उत्तर प्रदेश के किसान अगर खेती की मशीनों पर सब्सि़डी लेना चाहते हैं तो प्रदेश की कृषि विभाग की वेबसाइट पर 30 नवंबर से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को फीस के तौर पर टोकन मनी भी जमा करनी होगी.

Advertisement
Agricultural Machinery Agricultural Machinery

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • फतेहपुर,
  • 30 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:46 PM IST

कृषि यंत्रों और नई-नई तकनीकों की खेती-किसानी में एंट्री से किसानों को काफी मदद हो रही है. पहले के मुकाबले किसानों के लिए खेती थोड़ी आसान हुई है. बड़ी संख्या में किसान खेती की मशीनों का फायदा उठा सकें, इसके लिए उन्हें बकायदा सब्सिडी भी दी जा रही है. उत्तर प्रदेश में भी कृषि यंत्रों पर किसानों तो 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है. 

Advertisement

30 नवंबर से शुरू रजिस्ट्रेशन

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खेती की मशीनों पर सब्सिडी के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 30 नवंबर से हो रही है. किसान http://upagriculture.com/ पर जाकर इस प्रकिया को पूरा कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों को फीस के तौर पर टोकन मनी भी जमा करनी पड़ेगी. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भी 407 यंत्रों को बांटने का लक्ष्य दिया गया है.

फतेहपुर में  407 यंत्र देने का लक्ष्य

राम मिलन परिहार (उप कृषि निदेशक. फतेहपुर) ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत जिले के 13 ब्लॉकों के किसानों के लिए 407 यंत्रों का लक्ष्य दिया गया है. इस योजना के तहत किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी के साथ खेती की मशीनें दी जाएंगी. पंजीकरण करते समय 1 लाख से कम वाले यंत्रों के लिए ढाई हजार रुपये और 1 लाख के ऊपर वाले यंत्रों के लिए पांच हजार रुपये टोकन मनी के रूप में विभाग ऑनलाइन जमा करने पड़ेंगे.

Advertisement

सत्यापन के बाद किसानों के खाते में भेजी जाएगी राशि

कृषि उप निदेशक राम मिलन परिहार के मुताबिक, पंजीकरण के बाद लॉटरी सिस्टम से इसका चयन किया जाएगा. चयनित किसानों को कृषि यंत्र अपने पैसे से खरीदकर वेबसाइट पर उसका बिल अपलोड करना होगा. साथ ही उसकी दूसरी प्रति विभाग में लाकर जमा करनी होगी. विभागीय जांच और बिल के सत्यापन के बाद यंत्रों की सब्सिडी किसानों के खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाएगी.

---- समाप्त ----
रिपोर्ट: नितेश श्रीवास्तवा

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement