ईरान-इजरायल संघर्ष के वैश्विक प्रभावों पर चर्चा हुई, जिसमें ईरान की अर्थव्यवस्था को हुए भारी नुकसान पर प्रकाश डाला गया. आईएमएफ के आंकड़ों के अनुसार, ईरान की विकास दर में गिरावट और महंगाई तथा बेरोजगारी में वृद्धि का अनुमान है.