PoK की रैली में लोगों से बोले इमरान- अभी नहीं, जब मैं कहूंगा तब जाना LoC

PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद की रैली में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि कश्मीर का मामला मानवाधिकारों से जुड़ा है. वो दुनिया के सामने कश्मीर की आवाज को उठाएंगे. साथ ही उन्होंने यूएनजीए में कश्मीर के मसले को उठाने की बात कही.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल-ANI)
हमजा आमिर
  • मुजफ्फराबाद ,
  • 13 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:30 PM IST

  • आर्थिक हितों के कारण मुस्लिम देशों ने भी हमारा साथ नहीं दियाः इमरान खान
  • इमरान बोले- पहले मुझे यूएन जाने दो. दुनिया को कश्मीर के बारे में बताने दो

जम्मू-कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मात खाने के बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार नए पैंतरबाजी कर रहे हैं. 'कश्मीर ऑवर' के बाद अब इमरान खान ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की राजधानी मुजफ्फराबाद में शुक्रवार को एक बड़े जलसे में कहा कि UNGA में कश्मीर का मसला फिर से उठाएंगे. आर्थिक हितों के कारण मुस्लिम देशों ने भी इस मसले पर हमारा साथ नहीं दिया.

पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक जलसे में प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा, 'मैं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में कश्मीर का मसला उठाऊंगा और पूरी दुनिया को इसके बारे में जानकारी दूंगा.' उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान को मुस्लिम देशों से समर्थन नहीं मिला क्योंकि भारत के साथ उनके आर्थिक हित जुड़े हुए हैं. लेकिन मुस्लिम देशों के सवा अरब मुस्लिम इसे देख रहे हैं.

'जब कहूं तो LoC पार करना'

इमरान खान ने कहा, 'मैं जानता हूं कि आप में से कई लोगों ने लाइन ऑफ कंट्रोल पार करने की कोशिश की है, लेकिन मैं आज आपसे कहता हूं कि अभी लाइन ऑफ कंट्रोल पर जाने की जरूरत नहीं है. आप लोग तब लाइन ऑफ कंट्रोल जाना जब मैं आपसे जाने को कहूं.' उन्होंने आगे कहा, 'पहले मुझे संयुक्त राष्ट्र जाने दो. दुनिया को कश्मीर के बारे में बताने दो. कश्मीर का मसला हल नहीं किया, तो इसका असर पूरी दुनिया पर जाएगा.'

पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप भारतीय मुसलमानों को यह संदेश देंगे कि भारत केवल हिंदुओं के लिए है, तो आप उन्हें अतिवाद की ओर धकेलेंगे. उन्होंने कहा, 'यही कारण है कि मैं अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से कहा रहा हूं कि वो भारत के हिटलर को रोकें.'

पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आज शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद मुजफ्फराबाद के लोगों को इस रैली में शिरकत करने का हुक्म दिया था. सूत्रों के मुताबिक जलसे के लिए लोगों को इकट्ठा करने का जिम्मा PoK की खुफिया पुलिस को सौंपा गया.

PAK की आर्थिक नाकामी छुपाने की कोशिश

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से ही इमरान खान अपनी जनता को भारत के खिलाफ भड़काकर अपनी सरकार की आर्थिक मोर्चे पर नाकामी छुपाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. सबसे पहले तो उन्होंने कश्मीर ऑवर का फंडा आजमाया. इसके तहत उन्होंने अपने देश के लोगों से अपील की कि वे हर शुक्रवार को दोपहर 12 से 12.30 बजे तक सड़कों पर निकले और कश्मीरियों के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर करें. लेकिन उनकी इस मुहिम में ज्यादा कामयाबी नहीं मिली.

कश्मीर ऑवर का फंडा नाकाम होने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब जलसा का दांव चला. कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही इमरान का यह तीसरा मुजफ्फराबाद दौरा है. 14 अगस्त को उनका पहला मुजफ्फरबाद दौरा हुआ, उसके बाद 6 सिंतबर को एलओसी पर दूसरा दौरा हुआ और अब इसके 7 दिन बाद उन्होंने तीसरा दौरा किया.

माना जा रहा है कि इमरान खान इसके जरिए कश्मीरियों को लगातार झांसा दे रहे हैं और पाकिस्तान को उनके हमदर्द के तौर पर पेश कर रहे हैं.

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