अफगानिस्तान के कई प्रांतों में बीते तीन दिनों से जारी भारी बर्फबारी और फ्लैश फ्लड ने व्यापक तबाही मचा दी है. इस नेचुरल कैलेमिटी में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कम से कम 11 लोग घायल हुए हैं. यह जानकारी स्थानीय मीडिया टोलो न्यूज ने दी है.
अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ANDMA) के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हमद ने बताया कि इस नेचुरल कैलेमिटी में 274 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और 1558 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. इस वजह से कई परिवार बेघर हो गए हैं तथा बुनियादी सुविधाओं पर भी भारी असर पड़ा है. प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें तत्काल राहत कार्यों की आवश्यकता है.
आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हर साल आने वाली बाढ़ न सिर्फ जान-माल का नुकसान करती है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव डालती है. विशेषज्ञों का मानना है कि जल नियंत्रण और बाढ़ प्रबंधन की सही व्यवस्था न होने के कारण नुकसान में इजाफा हो रहा है. इससे निपटने के लिए मानक ढांचों और बेहतर योजनाओं की तत्काल आवश्यकता है.
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इसके अलावा, नॉर्वेजियन शरणार्थी परिषद ने भी अफगानिस्तान में मानवीय संकट की गंभीरता पर जिम्मेदारी जताई है. संयुक्त राष्ट्र के "मानवीय मामलों के समन्वय के लिए कार्यालय" के अनुसार, अफगानिस्तान भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत सेंसिटिव क्षेत्र बना हुआ है.
लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण नुकसान बढ़ने की संभावना बनी हुई है, जिससे प्रभावित समुदायों के लिए तत्काल राहत, रिहैबिलिटेशन और बेहतर आपदा प्रबंधन की आवश्यकता और भी बढ़ गई है. अंतरराष्ट्रीय सहायता तथा स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भूमिका अब सबसे जरूरी हो गई है ताकि आने वाले समय में इस तरह की आपदाओं से बचाव और नुकसान को कम किया जा सके.
इनपुट: एएनआई
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