उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक नौकर ने अपने ही मालिक के पैसे चुरा लिए और उसे लूट बता दिया. इसको लेकर पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन जब पुलिस ने केस सुलझाया तो इसका खुलासा हुआ. पुलिस ने बताया कि नौकर के साथ कोई लूटपाट नहीं हुई बल्कि अपनी उधारी चुकाने के लिए उसने अपने मालिक के पैसे चुराए थे.
बीती 28 मई को नजीबाबाद इलाके के एक ईंट भट्टा मालिक ने पुलिस को बताया कि उनके पास काम करने वाले आदर्श के साथ उस समय लूट हुई, जब वो नूरपुर से दो लाख 75 हजार रुपये लेकर आ रहा था. उसने अपने मालिक को फोन कर कहा, "आपके दो लाख 75 हजार रुपये लुट गए,."
नौकर ने बताया कि जब वो मारकपुर हाइवे मोड पर पहुंचा तो दो बाइक सवार बदमाश उसका बैग छीनकर भाग गए, जिसमें नकदी, एटीएम, पर्स और मोबाइल था. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. जब टीम ने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया तो घटना संदिग्ध प्रतीत हुई.
उसके बाद नौकर से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि मैंने नजीबाबाद में अपने मकान को दो लाख रुपये में गिरवी रख दिया था. जिसे छुड़ाने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे. इसलिए मैंने ईंट-भट्टे के मालिक विजय सिंह के पैसों का गबन करने की योजना बनाई और उन पैसों को मैंने अपने मामा के यहां रख दिए और खुद के साथ लूट होने की झूठी जानकारी अपने मालिक विजय सिंह को दे दी. इस मामले में देहात पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बैग बरामद किया, जिसमें पूरे रुपये बरामद कर लिए गए और उसके अलावा एक वीवो कंपनी का एक मोबाइल और पर्स बरामद किया गया.
ऋतिक राजपूत