उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना समेत कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही मुफ्त बिजली पर चर्चा की गई.
राकेश टिकैत ने किसानों का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार को किसानों के निजी नलकूपों को बिना किसी शर्त के मुफ्त बिजली देना जारी रखना चाहिए. उन्होंने इन बिजली कनेक्शनों पर मीटर लगाने का कड़ा विरोध करते हुए कहा, "हम किसी भी निजी नलकूप के बिजली कनेक्शन पर मीटर नहीं लगने देंगे."
टिकैत ने सरकार की सोलर रूफ टॉप योजना का भी जिक्र किया और कहा कि प्रति किलोवाट दी जाने वाली सब्सिडी लोड या वाट क्षमता बढ़ने के बावजूद एक समान रहनी चाहिए. इसके अलावा, उन्होंने गौतमबुद्ध नगर के डूब क्षेत्र के किसानों को उनके निजी ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन न दिए जाने के मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने नियामक आयोग से इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने का आग्रह किया.
भारतीय किसान यूनियन की ओर बताया गया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बैठक के दौरान अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया और आश्वासन दिया कि इन ज्वलंत मुद्दों को हल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. बैठक में आयोग के सदस्य संजय सिंह, नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीआर कुमार और एनपीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.
कुमार कुणाल