गोरखपुर में मौजूद विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस ने जब पहली बार आर्ट पेपर पर शिवपुराण की पांच हजार कॉपी प्रकाशित की तो उसे भी नहीं पता था कि क्या प्रतियां बाजार में आते ही हाथों हाथ बिक जाएंगी और लोगों का आर्डर पूरा करना मुश्किल हो जाएगा हैं. सभी प्रतियों की बुकिंग हो चुकी है. ऐसे में पुस्तकों की मांग इतनी बढ़ गई है कि गीता प्रेस के हालात यह हो गए हैं कि अब गीताप्रेस ने नए आर्डर लेना बंद कर दिए है. सावन के चलते आर्ट पेपर पर प्रकाशित संक्षिप्त चित्रमय शिवपुराण के अलावा साधारण पेपर पर छपे शिवपुराण की मांग भी तेजी से बढ़ी है. साथ ही नेपाली भाषा में शिव महापुराण भी बिक गया.
दरअसल, भगवान शिव का महीना माने जाने वाले सावन महीने में शिवपुराण की मांग बढ़ गई है. पहली बार आर्ट पेपर पर प्रकाशित संक्षिप्त चित्रमय शिवपुराण की सभी पांच हजार प्रतियों की बुकिंग हो गई है. इस पुस्तक का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात जुलाई को गीताप्रेस में किया था. अभी इसकी केवल 700 प्रतियां तैयार हो पाई हैं, शेष की बाइंडिंग चल रही है. डिस्पैचिंग शुरू हो गई है. इसकी कीमत 1500 रुपये है. मांग बढ़ने के चलते गीताप्रेस ने नया आर्डर लेना बंद कर दिया है. अभी तक प्रिट हुई हजारों कॉपियों की डिस्पैचिंग के बाद दूसरे संस्करण की छपाई के बाद ही नए आर्डर लिए जाएंगे.
बिक गईं 40 हजार प्रतियां
इसके अलावा साधारण पेपर पर छपे शिवपुराण की मांग भी तेजी से बढ़ी है. सावन के दृष्टिगत गीताप्रेस ने 40 हजार पुस्तकों का प्रकाशन किया था, जो बिक चुकी हैं. पाठकों की मांग को देखते हुए दोबारा 35 हजार प्रतियों का प्रकाशन किया गया, जिनकी डिस्पैचिंग हो रही है. मांग लगातार आ रही है. इसलिए गीताप्रेस ने पुन: 20 हजार प्रतियों के प्रकाशन का निर्णय लिया है.
इन शहरों से आई सबसे ज्यादा मांग
आर्ट पेपर पर प्रकाशित शिवपुराण के लिए सबसे ज्यादा दिल्ली, कानपुर और इंदौर से 25-25 बंडल की मांग आई है. अन्य केंद्रों ने 15-20 बंडल का आर्डर दिया है. एक बंडल में 12 पुस्तकें आती हैं. इस तरह एक केंद्र पर 150 से 300 तक प्रतियां भेजी जाएंगी. चार हजार प्रतियां गीताप्रेस अपने केंद्रों पर भेजेगा और एक हजार प्रतियां फुटकर दुकानदारों को भेजी जाएंगी.
नेपाली भाषा में छपा शिव महापुराण भी बिक गया
नेपाली भाषा में छपे शिव महापुराण की 1500 प्रतियां भी बिक गई हैं. नेपाल के काठमांडू केंद्र से सभी प्रतियों के आर्डर आ गए हैं. इनमें से तैयार ढाई सौ प्रतियां भेजी जा चुकी हैं. शेष की बाइंडिंग चल रही है.
पाठकों में ऐसे बढ़ रही शिव पुराण की मांग
| वर्ष | बिक्री |
| 2020-21 | 51000 |
| 2021-22 | 79000 |
| 2022-23 | 1,18,000 |
क्या कहते हैं गीताप्रेस के प्रबंधक
गीताप्रेस के प्रबंधक डा. लालमणि तिवारी ने कहा कि पिछले दो वर्षों से शिव पुराण की मांग तेजी से बढ़ी है. काशी व उज्जैन में कारीडोर बनने के बाद पाठकों की भगवान शिव के बारे में जिज्ञासा बढ़ी है. पाठकों की मांग को ध्यान में रखते हुए छपाई भी बढ़ा दी गई है. कोशिश की जा रही है कि उनकी मांग पूरी की जा सके.
रवि गुप्ता