उत्तर प्रदेश में अब कॉमर्शियल वाहनों को भी रोड टैक्स के साथ सभी टैक्स एकमुश्त देने होंगे. इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है. हालांकि, निजी वाहनों के लिए यह व्यवस्था पहले से ही लागू है, जिसके आधार पर ऐसा किया जा रहा है. वहीं बस और ट्रक एकमुश्त टैक्स से बाहर रहेंगे, क्योंकि इन वाहनों पर 8-10 हजार से अधिक मासिक टैक्स आ जाते हैं.
जानकारी के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत कॉमर्शियल वाहनों से एकमुश्त सभी टैक्स लिया जाएगा. पहले चरण में ई-रिक्शा, ऑटो, टेंपो, 7.5 टन भार ढोने वाले वाहन, जेसीबी, क्रेन, मैक्सी कैब और टैक्सी पर इसे लागू किया जाएगा. अभी सालाना 3 टन माल ढोने वाले तिपहिया वाहनों से तिमाही या सालाना टैक्स लिया जाता है और यात्री वाहनों से मासिक या तिमाही टैक्स लिया जाता है.
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'आचार संहिता हटने के मिल जाएगी हरी झंडी'
इसको लेकर उत्तर प्रदेश शाशन ने परिवहन विभाग के अधिकारियों समेत मुख्य सचिव के साथ बैठकर एकमुश्त टैक्स प्रस्ताव को शासन को दिया है. इसमें चर्चा की गई है कि इसे अक्टूबर में लागू कर दिया जाएगा. इसके साथ ही टैक्स बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि आचार संहिता हटने के बाद इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी और 3 महीने बाद इसे लागू कर दिया जाएगा.
मामले में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने कही ये बात
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे पेश किया जाएगा. इसमें एकमुश्त टैक्स लेने की बात कही गई है. जैसे अन्य वाहनों पर लिया जाता है. हालांकि, बसों और ट्रकों को इससे बाहर रखा गया है.
आशीष श्रीवास्तव