उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के बिछुआ गांव में बाबा नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा का आश्रम 21 बीघा में फैला है. ऊंची बाउंड्री देकर आश्रम दो भागों में बांटा गया है. करीब 5 बीघा में बाबा की आलीशान कोठी बनी है. कोठी की छत पर नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा की तस्वीर लगी है. बाबा की कोठी में जाने वाले रास्ते पर रंगोली और किनारे लगी रेलिंग (Railings) को कृत्रिम फूल (Artificial Flowers) से सजाया गया है.
जानकारी के मुताबिक, बाबा के आश्रम में रहने वाले सेवादारों के लिए 21 बीघा में फैले आश्रम में अलग हिस्सा बना है. नारायण साकार हरि बाबा के कोठी में कुछ खास सेवादार ही जा पाते हैं. बता दें कि नारायण साकार हरि या साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ था. पटियाली तहसील में गांव बहादुर में जन्मे भोले बाबा खुद को गुप्तचर यानी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का पूर्व कर्मचारी बताते हैं.
दावा है कि 26 साल पहले बाबा सरकारी नौकरी छोड़ धार्मिक प्रवचन करने लगे. भोले बाबा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत देशभर में लाखों अनुयायी हैं. बाबा का कोई आधिकारिक अकाउंट किसी भी प्लेटफॉर्म पर नहीं है. कथित भक्तों का दावा है कि नारायण साकार हरि यानी भोले बाबा के जमीनी स्तर पर खासे अनुयायी हैं.
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भगदड़ में 121 लोगों की हुई थी मौत
बताते चलें कि हाथरस के सिकंदराराऊ में 2 जुलाई को नारायण साकार हरि उर्फ सूरजपाल ऊर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी. इसमें 121 लोगों की मौत हुई थी. ये केस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. वहीं, हाथरस भगदड़ के सभी पीड़ितों के शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया है. जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने गुरुवार को यह जानकारी दी.
आयोजन समिति से जुड़े 6 लोग अरेस्ट
हाथरस हादसे में पुलिस ने पूछताछ के बाद आयोजन समिति से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. आईजी शलभ माथुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस एक्शन की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम रखा गया है. पुलिस जल्द ही कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाएगी.
संतोष शर्मा