क्रिकेट खुशी और रोमांच के साथ साथ दर्द का भी खेल है. जो खिलाड़ी मैदान पर चौके-छक्के लगाकर हमारा मनोरंजन करते हैं उन्हें कई बार गहरे दर्द से भी गुजरना पड़ा है. कुछ खिलाड़ियों को तो ऐसी चोट लगी कि वो अपनी जिंदगी से ही हाथ धो बैठे. लेकिन कुछ हीरोज ऐसे भी हैं जिन्होंने मौत को मात देकर नई जिंदगी पाई. इनमें से कुछ जांबाज खिलाड़ी ये हैं.
आतंकी हमले में गोली लगने के बाद बचे थे समरवीरा
2009 में जब श्रीलंका की टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी उस समय लाहौर में 12 आतंकियों ने टीम की बस पर हमला कर दिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं. इस घटना में लंकाई टीम के 6 खिलाड़ी घायल हुए थे. थिलान समरवीरा और थरंगा पर्नाविताना को सबसे ज्यादा चोटें आई थीं. इसी घटना के बाद से पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों पर बैन लग गया था.
कैंसर से जीते युवराज सिंह
भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह जब 2011 में भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतने का सपना लिए मैदान में अपना सब कुछ झोंक रहे थे. उसी समय कैंसर का जहर उनको खोखला कर रहा था. लेकिन कैंसर युवी के हौसले और इरादों को हिला नहीं पाया और उन्होंने भारत के लिए वर्ल्ड कप जीता. वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवराज सिंह को पता चला कि उनके फेफड़े में कैंसर है. ऐसी खबर अच्छे अच्छों को झकझोर कर रख देती है, लेकिन युवराज घबराए नहीं. उन्होंने अमेरिका जाकर अपना इलाज करवाया और न सिर्फ कैंसर जैसी भयानक बीमारी से जंग जीती, बल्कि टीम इंडिया में वापसी भी की.
कोमा से बाहर आए थे न्यूजीलैंड के जेसी राइडर
2013 में क्राइस्टचर्च के एक बार में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जेसी राइडर और कुछ लोगों के बीच जबरदस्त मारपीट हो गई. इस घटना में 4 लोगों ने राइडर की जमकर पिटाई कर दी, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह कोमा में चले गए. राइडर काफी समय तक आईसीयू रहने के बाद जिंदगी और मौत से जूझकर बाल-बाल बचे थे.
माइकल क्लार्क को था स्किन कैंसर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दमदार एंट्री के लगभग 3 साल बाद 2006 में पता चला कि माइकल क्लार्क को स्किन कैंसर है. क्लार्क के चेहरे पर दो ऐसे धब्बे थे जिसमें कैंसर टिश्यू पाए गए. इसके बाद क्लार्क का गहन इलाज चला और वो ठीक हुए. हालांकि इसके बाद से वह छोटे बाल रखने लगे और अपने फेस को धूप से बचाने के लिए राउंड हैट का प्रयोग करने लगे.
कराची में फायरिंग में बाल-बाल बचे थे वसीम अकरम
कराची में 2015 में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम की कार पर अज्ञात बंदूकधारी ने फायरिंग कर दी थी. हालांकि इस हमले में अकरम को कोई चोट नहीं आई थी. दरअसल अकरम कराची के नेशनल स्टेडियम में एक ट्रेनिंग कैंप में कोचिंग देने जा रहे थे.
ज्योफ्री बॉयकॉट को था गले का कैंसर
इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और मशहूर कॉमेंटेटर ज्योफ्री बॉयकॉट को 2003 में गले का कैंसर डायग्नोज हुआ. इसके कारण उनको कॉमेंटरी से लगभग एक साल तक दूर रहना पड़ा. लगभग 35 रेडियोथैरेपी सेशंस से गुजरने के बाद बॉयकॉट ठीक हो पाए थे.
ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर मैथ्यू वेड को था कैंसर
ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर मैथ्यू वेड को खतरनाक किस्म का कैंसर था. 16 साल की उम्र में वेड को फुटबॉल खेलते समय ग्रोइन में चोट लग गई थी इसके बाद उनको कैंसर हो गया था. हालांकि इसका सफलतापूर्वक इलाज करने के बाद वेड ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया.
अमित कुमार दुबे