मक्का मदीना से भी ज्यादा कठिन भारत में रोजे रखना, 15 सालों में बढ़ीं मुश्किलें

मक्का-मदीना के बारे में आपने बहुत पढ़ा और सुना होगा. यह वही जगह है जहां इस्लाम धर्म का जन्म हुआ. पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए यह जगह सबसे पवित्र है.

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क्या आपको मालूम है मक्का-मदीना से कहीं ज्यादा कठिन भारत में रोजे रखना है. क्या आपको मालूम है मक्का-मदीना से कहीं ज्यादा कठिन भारत में रोजे रखना है.

सुमित कुमार / aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2019,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

रमजान का पाक महीना चल रहा है. अभी दुनियाभर में मुस्लिम लोग रोजे रख रहे हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है मक्का-मदीना से कहीं ज्यादा कठिन भारत में रोजे रखना है.

भारत में रोजे यहां के तापमान और रोजे की अवधि की वजह से ज्यादा मुश्किल हैं. जहां भारत के कई शहरों में तापमान 40 के पार है, वहीं सऊदी अरब में तापमान 36 डिग्री है. यही नहीं सऊदी अरब और भारत के रोजे की अवधि में भी काफी अंतर है. सऊदी में रोजे की अवधि करीबन 14.30 घंटे है जबकि भारत में यह 15 घंटे है.

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भारत की तरह पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी गर्मी का यही हाल है, जबकि लीबिया, ओमान, सूडान, इथोपिया जैसे देशों को गर्म माना जाता है और इनका तापमान कम है.

कहां रखा जाता है सबसे लंबा रोजा

इस साल सबसे लंबे रोजे की अवधि रूस में है. यहां 20.45 घंटे का रोजा है, लेकिन यहां के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि यहां तापमान अधिकतम 10 डिग्री सेल्सियस है, जिसे रोजेदारों को काफी राहत मिलती है.

15 सालों में बढ़ी मुश्किलें

पिछले 15 सालों से भारतीय मुस्लिमों के लिए रोजे कठिन ही होते जा रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हर साल रोजे 10 दिन पीछे आ जाते हैं. यानी अब अगले साल रोजे अप्रैल के आखरी सप्ताह में शुरू होंगे. इस हिसाब से देखा जाए तो रोजे पिछले 15 सालों से गर्मी में ही पड़ रहे हैं.

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