Shani Gochar 2026: साल 2026 में इन 3 राशियों पर बना रहेगा शनिदेव का आशीर्वाद, मिलेगी धन-दौलत

Shani Gochar 2026: साल 2026 में शनिदेव की चाल कई राशियों के लिए परीक्षा की घड़ी बन सकती है, तो कुछ के लिए यह समय उन्नति के नए द्वार खोल सकता है. इस दौरान करियर, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव संभव हैं.

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साल 2026 में शनि के गोचर से इन राशियों की चमकेगी किस्मत (Photo: Pixabay) साल 2026 में शनि के गोचर से इन राशियों की चमकेगी किस्मत (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

Shani Gochar 2026: नए साल की शुरुआत हो चुकी है और कोई भी वर्ष कैसा रहेगा अच्छा या चुनौतीपूर्ण, यह काफी हद तक शनि और बृहस्पति की स्थिति पर निर्भर करता है. साल 2026 में शनि देव किस स्थिति में रहेंगे, अलग-अलग राशियों पर उनका क्या प्रभाव पड़ेगा, किन लोगों के लिए यह समय शुभ रहेगा और किनके लिए कठिनाइयां होंगी, उन्हें कौन-से उपाय करने चाहिए. आइए जानते हैं. 

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साल 2026 में शनिदेव की स्थिति ये रहेगी

साल 2026 में शनिदेव पूरे वर्ष मीन राशि में ही विराजमान रहेंगे. 27 जुलाई 2026 को शनि वक्री होंगे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होकर सीधी चाल चलेंगे, लेकिन इस दौरान भी वे मीन राशि में ही रहेंगे. इस कारण कुंभ, मीन और मेष राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगी, जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या का प्रभाव बना रहेगा. जून से दिसंबर के बीच प्रभाव में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है. 

शनि और बृहस्पति ऐसे ग्रह हैं, जिनकी चाल देश-दुनिया की दिशा बदलने की क्षमता रखती है. 2026 में शनिदेव मीन राशि में स्थिर रहेंगे, जबकि बृहस्पति मिथुन, कर्क और सिंह राशि में गोचर करेंगे. जून 2026 तक शनि और बृहस्पति का केंद्रीय संबंध बना रहेगा, जो वैश्विक स्तर पर अशांति और अस्थिरता बढ़ा सकता है. अप्रैल से शुरू होने वाले संवत में बृहस्पति राजा और मंगल मंत्री होंगे. बृहस्पति का राजा होना सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता है. इसी कारण अप्रैल, मई और जून 2026 के बीच दुनिया भर में उथल-पुथल, राजनीतिक बदलाव और अस्थिरता के संकेत दिखाई देते हैं. भारत की कुंडली में मंगल की दशा चल रही है और मंगल इस वर्ष मंत्री भी हैं, इसलिए भारतीय राजनीति में बड़े परिवर्तन, पदों से इस्तीफे और सत्ता में बदलाव संभव हैं.

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उस दौरान भारत के पड़ोसी देश विशेष रूप से बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान, में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है. इसी प्रभाव के कारण 2026 की शुरुआत से ही नौकरी बदलने, ट्रांसफर, छंटनी और करियर में अस्थिरता के संकेत दिखने लगे हैं, जो जून तक जारी रह सकते हैं. तो आइए पंडित शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि साल 2026 में शनिदेव किन राशियों को शुभ परिणाम देगा और किनको अशुभ. 

मेष- मेष राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगी. करियर में मजबूरी में बदलाव, स्थान परिवर्तन और अनावश्यक चिंताएँ परेशान कर सकती हैं. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा और मान-सम्मान पर भी असर पड़ सकता है. पूरे वर्ष रोज शाम “शं शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप करना लाभदायक रहेगा.

वृषभ- साल 2026 में वृषभ राशि के लिए शनि अत्यंत शुभ रहेंगे. एकादश भाव में शनि का गोचर रुके हुए कार्य पूरे कराएगा. विवादों और मुकदमों में सफलता मिलेगी. करियर में बड़ा पद, बड़ा लाभ और सोच-समझकर किया गया स्थान परिवर्तन फायदेमंद रहेगा. शनिवार को अन्न या भोजन का दान करें.

मिथुन- दशम भाव में शनि का गोचर स्थान परिवर्तन के योग बना रहा है. मार्च से मई के बीच बदलाव संभव है, जो अंततः लाभ देगा. करियर और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन काम का दबाव अधिक रहेगा. शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ.

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कर्क- नवम भाव में शनि जीवन में बड़े बदलाव लाएंगे. वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में तनाव संभव है, पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. संतान और विवाह के योग शुभ हैं. पूरे वर्ष हनुमान चालीसा का पाठ लाभकारी रहेगा.

सिंह- सिंह राशि पर ढैय्या का प्रचंड प्रभाव रहेगा. स्थान परिवर्तन, दुर्घटना, करियर दबाव और रिश्तों में विवाद के योग हैं. सावधानी न रखने पर नुकसान हो सकता है. रोज 108 बार शनि मंत्र का जप और शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएँ.

कन्या- सप्तम भाव में शनि नौकरी और व्यापार में लाभ देंगे, लेकिन स्वास्थ्य विशेषकर हड्डियों, नसों और माइग्रेन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. नियमित शनि मंत्र जप करें.

तुला- षष्ठ भाव में शनि का गोचर अत्यंत शुभ है. स्वास्थ्य सुधरेगा, करियर में उन्नति होगी और विवाह के योग बनेंगे. रुके हुए काम पूरे होंगे. शनिवार को निर्धनों को अन्न या भोजन का दान करें.

वृ्श्चिक- पंचम भाव में शनि स्वास्थ्य और मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं. करियर में बिना सोचे-समझे जोखिम न लें. विवाह और संतान के योग शुभ हैं. शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाना लाभदायक रहेगा.

धनु- ढैय्या का प्रभाव रहेगा. शुरुआती महीनों में राहत मिलेगी, लेकिन बाद में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. स्थान परिवर्तन के प्रबल योग हैं. बड़े फैसले जून से पहले लें और नियमित शनि मंत्र जप करें.

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मकर- तीसरे भाव में शनि की स्थिति अत्यंत शुभ रहेगी जिससे मकर राशि वालों को करियर, धन और प्रयासों में सफलता मिलेगी. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिलेगा. शनिवार को अन्न और वस्त्र दान करें.

कुंभ- कुंभ राशि वालों के लिए उतरती साढ़ेसाती संघर्ष बढ़ाएगी. मेहनत के बिना लाभ नहीं मिलेगा. स्वास्थ्य और मानसिक तनाव की समस्या रह सकती है. करियर में जोखिम न लें. पूरे वर्ष शनि मंत्र जप और शनिवार को दीपदान करें.

मीन- साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. करियर और आर्थिक दबाव रहेगा. बिना ठोस विकल्प के नौकरी न छोड़ें. बड़े निवेश और निर्णय सोच-समझकर करें. विवाह और वर्ष की शुरुआत में प्रॉपर्टी के योग शुभ हैं.

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