सावन की मासिक शिवरात्रि आज मनाई जा रही है. सावन में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय चीजें अर्पित की जाती है. लेकिन भोलेनाथ की पूजा के दौरान लोग जाने-अनजाने बहुत सी गलतियां कर बैठते हैं. आइए जानते हैं कि इस दिन हमें कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए.
1. सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव का गंगाजल, दूध या पंचामृत से अभिषेक किया जाता है. भगवान शिव के जलाभिषेक में कभी भी स्टील या लोने का पात्र इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. बेहतर होगा कि आप तांबा, पीतल या कांसा, चांदी या अष्टधातु से बने लोटे से शिव का जलाभिषेक करें.
2. शिवरात्रि पर भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लोग शिवलिंग पर टीका लगाते हैं. याद रखें कि शिवलिंग पर कभी भी कुमकुम या हल्दी का टीका नहीं लगाना चाहिए. इनकी जगह आप गुलाल का टीका लगा सकते हैं.
3. शिवरात्रि पर भोलेनाथ को भूलकर भी टूटे हुए चावल ना चढ़ाएं. इस दिन भगवान को अक्षत यानी अटूट चावल ही अर्पित करें जो कि पूर्णता का प्रतीक माना जाता है. गंदे या टूटे हुए चावल शिवजी को चढ़ाना अशुभ माना जाता है.
4. शिवरात्रि पर भगवान शिव को केतकी या चंपा फूल ना चढ़ाएं. ऐसा कहते हैं कि इन फूलों को भगवान शिव ने शापित किया था. केतकी का फूल सफेद होने के बावजूद भोलेनाथ की पूजा में नहीं चढ़ाना चाहिए.
5. इसके अलावा, शिवजी की पूजा में टूटे हुए बेलपत्र या तुलसी के पत्तों का भी भी प्रयोग ना करें. शिव को हमेशा तीन पत्रों वाला पेलपत्र अर्पित करना चाहिए.
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