मुख्यमंत्री योगी की महत्वकांक्षी योजना में कोर्स-कोऑर्डिनेटर की भर्ती में सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. दो साल पहले 69 कोर्स-कोऑर्डिनेटर्स की भर्ती हुई, जिसमें से 48 भर्तियां फर्जी निकली. फर्जी दस्तावेजों बनाकर 48 जालसाजों ने 2 साल तक मोटी सैलरी सरकार से ली और 48 सही उम्मीदवारों के हक पर डाका डाला. घोटाले के आरोप में मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन सवाल घो टाले की जांच पर उठ रहे हैं.