MP News: सीहोर में दो सप्ताह पहले ट्रेन की चपेट में आने के बाद रेस्क्यू करके लाए गए बाघ के बच्चे की भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में इलाज के दौरान मौत हो गई. वन विहार राष्ट्रीय उद्यान (Van Vihar National Park) के अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू के बाद से ही शावक ने कुछ नहीं खाया था, जिसके कारण मंगलवार को उसकी मौत हो गई. मृतक शावक उन दो घायल शावकों में शामिल था, जिन्हें 17 जुलाई को पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा चलाई जा रही विशेष सिंगल-कोच एसी ट्रेन से सीहोर जिले के बुधनी के पास मिडघाट सेक्शन से भोपाल लाया गया था.
एक अधिकारी ने बताया कि 14-15 जुलाई की रात को भोपाल से 70 किलोमीटर दूर स्थित वन क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आने से कुल तीन शावक घायल पाए गए. इनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो घायल शावकों को इलाज के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के बचाव केंद्र में लाया गया.
17 जुलाई को पशु चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा दल के सदस्यों द्वारा दो शावकों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच और एक्स-रे किया गया. उन्होंने बताया कि शावकों को वन विहार के चिकित्सकों द्वारा अन्य विशेषज्ञों के परामर्श से उपचार दिया जा रहा है. अन्य घायल शावक की हालत भी गंभीर है. शावक कम मात्रा में भोजन खा रहा है और उसका उपचार किया जा रहा है. शावक पर लगातार नजर रखी जा रही है.
शावक के शरीर का पिछला हिस्सा काम नहीं कर रहा है और हालत में कोई अपेक्षित सुधार नहीं देखा जा रहा है. मृत शावक का पोस्टमार्टम पार्क के वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता, वाइल्डलाइफ एसओएस के डॉ. रजत कुलकर्णी और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के डॉ. प्रशांत देशमुख ने संयुक्त रूप से किया. पोस्टमार्टम के बाद मृत बाघ शावक का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया.
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