इंदौर में गणेश चतुर्थी और पर्युषण पर मांस बिक्री पूरी तरह बैन, सख्त कार्रवाई के आदेश

मध्य प्रदेश के इंदौर में हिंदू और जैन समुदाय के त्योहारों के दौरान मांस की बिक्री पर पूरी तरह बैन रहेगा. मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि गणेश चतुर्थी, डोल ग्यारस, अनंत चतुर्दशी और जैनों के पर्युषण पर्व पर यह प्रतिबंध लागू होगा. नगर निगम को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं.

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मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा- (Photo: Representational) मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा- (Photo: Representational)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 26 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 10:58 PM IST

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हिंदू और जैन समुदाय के प्रमुख त्योहारों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. आने वाले त्योहारों के दौरान पूरे शहर में मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.

मेयर ने जारी किए निर्देश
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि गणेश चतुर्थी (27 अगस्त), डोल ग्यारस (3 सितंबर), अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) और जैन धर्म का पर्युषण पर्व आने वाले दिनों में मनाया जाएगा. इन सभी अवसरों पर पूरे शहर में मांस की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी.

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उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
मेयर ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं. यदि कोई दुकानदार या व्यापारी इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

धार्मिक भावनाओं का रखा जाएगा ध्यान
अधिकारियों ने बताया कि शहर के हिंदू और जैन समाज के कई लोगों ने त्योहारों के दौरान मांस बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी. उनका कहना था कि इन धार्मिक अवसरों पर मांसाहार की बिक्री धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

सख्त निगरानी रखेगा प्रशासन
नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी पूरे शहर में निगरानी रखेंगे. इस दौरान दुकानों पर आकस्मिक जांच भी की जाएगी, ताकि कोई भी नियमों का उल्लंघन न कर सके. नगर निगम का दावा है कि यह कदम सौहार्द बनाए रखने और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के लिए उठाया गया है.

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शहर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इस फैसले को लेकर शहरवासियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कई लोग इस कदम को सही मानते हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन को मांस खाने वालों की स्वतंत्रता पर रोक नहीं लगानी चाहिए.

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