आतंकी हमले के बाद BJP विधायक ललिता यादव ने मनाया धूमधाम से बर्थडे, शहर के तीन थानेदार भी हुए शामिल

छतरपुर की तीसरी बार की विधायक ललिता यादव का जन्मदिन उनके निजी निवास पर बड़े स्तर पर मनाया गया. 22 अप्रैल की शाम से शुरू हुआ यह जश्न रात 1 बजे तक चला. आयोजन में बड़े टेंट लगाए गए थे, डीजे की धुनें बज रही थीं और ढोल-नगाड़ों की गूंज थी.

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BJP विधायक ललिता यादव ने मनाया धूमधाम से जन्मदिन. BJP विधायक ललिता यादव ने मनाया धूमधाम से जन्मदिन.

लोकेश चौरसिया

  • छतरपुर ,
  • 26 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 4:19 PM IST

देश 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से सदमे में है, जिसमें 27 मासूम लोगों की जान चली गई. इस दुखद घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के सभी नेताओं ने अपने तमाम कार्यक्रम स्थगित कर दिए. पूरा ध्यान आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, घायलों को इलाज और मृतकों के परिवारों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने पर है.  लेकिन इस बीच छतरपुर की भाजपा विधायक ललिता यादव ने अपने जन्मदिन को धूमधाम से मनाकर विवाद खड़ा कर दिया है. 
 
छतरपुर की तीसरी बार की विधायक ललिता यादव का जन्मदिन उनके निजी निवास पर बड़े स्तर पर मनाया गया. 22 अप्रैल की शाम से शुरू हुआ यह जश्न रात 1 बजे तक चला. आयोजन में बड़े टेंट लगाए गए थे, डीजे की धुनें बज रही थीं और ढोल-नगाड़ों की गूंज थी.

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इस दौरान विधायक ने एक साथ एक दर्जन से ज्यादा केक काटे. भाजपा के कई नेता, व्यापारी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी इस समारोह में शामिल हुए और उन्हें बधाई दी.

शहर के तीन थाना प्रभारी साथ में मौजूद.

सोशल मीडिया पर गुस्सा, वायरल हुए विडियो
जब पूरा देश पहलगाम हमले के दुख में डूबा है, तब ललिता यादव के इस जश्न ने सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़का दिया है. एक तरफ वायरल वीडियो में पहलगाम में मातम मनाती महिलाएं दिख रही हैं, जो अपने पति के शवों के पास बैठकर मदद का इंतजार कर रही हैं. कुछ महिलाएं अपने पति का बहता खून रोकने की कोशिश करती नजर आ रही हैं, तो कुछ अपने बच्चों को बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही हैं. दूसरी तरफ, ललिता यादव के जन्मदिन समारोह के वीडियो ने लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है.

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बता दें कि इस हमले में देशभर से छुट्टियां मनाने आए 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी. सरकार और प्रशासन घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की मदद में जुटे हैं, लेकिन छतरपुर में इस तरह का आयोजन संवेदनहीनता को दर्शाता है.

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