मदुरई, तमिलनाडु
मदुरई भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है. यहां प्रदूषण सरकार, स्थानीय संगठनों और स्थानीय लोगों के निरंतर प्रयास से ही कम हुआ है. हालांकि, वाहनों की संख्या बढ़ने से वायु प्रदूषण थोडा बढ़ गया है.
हासन, कर्नाटक
समुद्र तल से 934 मीटर ऊपर स्थित हासन अपने समृद्ध इतिहास, वास्तुशिल्प के कारण प्रसिद्ध है. हासन में 10 माइक्रोन के साथ पार्टिकुलेट मैटर को 44 g/m3 तक दर्ज किया गया था.
मल्लपुरम, केरल
मलप्पुरम का जिला प्राकृतिक सुंदरता से अटा पड़ा है. छोटे हरे भरे पहाड़ों और ताजे पानी के साथ, यह जगह अपने निवासियों और आगंतुकों के लिए एक बेहद स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करती है.
पथानामथिट्टा, केरल
केरल का पथानामथिट्टा अपने पर्याप्त जंगलों और जल स्रोतों के कारण स्वच्छ वायु मानकों को पूरा करता है. प्राकृतिक तौर पर भी बेहद खूबसूरत है.
माथेरान, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल-स्टेशन माथेरान दुनिया भर की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां किसी भी किस्म के मोटर वाहन के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है. इस तरह यह न सिर्फ एक प्रदूषणरहित बल्कि अपने आपमें विशेष और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है.
पुडुचेरी, तमिलनाडु
यहां फ्रांसीसी, तमिल, अंग्रेजी, तेलगू और मलयालम सहित कुल 5 भाषाएं बोली जाती है. पुडुचेरी ने वायु और शोर प्रदूषण के मामले में बदलाव किया है.
तेजपुर, असम
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक असम का तेजपुर शहर भारत में कम प्रदूषित शहरों में एक है. तेजपुर में वार्षिक पार्टिकुलेट मैटर 10 का स्तर 11 g/m3 पाया गया था.
अगरतला, त्रिपुरा
अगरतला त्रिपुरा की राजधानी है. यह शहर कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण करने वाले एजेंटों की अच्छी खासी उपस्थिति के कारण हरा-भरा है. यहां की प्रदूषण मुक्त हवा बड़े शहरों से पर्यटकों को आकर्षित करता है.