पेरिस ओलंपिक में महज 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण रेसलर विनेश फोगाट फाइनल मुकाबले से बाहर हो गईं. यह उदाहरण इसलिए क्योंकि इससे समझा जा सकता है कि लोगों की जिंदगी में बढ़ा हुआ वजन कितना नुकसान करवा सकता है. यही नहीं, वजनअधिक होने या फिर यूं कहें कि मोटापे के चलते शरीर को तमाम बीमारियों भी घेर लेती हैं. दुनिया में बड़ी तादाद में इंसान अपने मोटापे से परेशान होकर जिम जा रहे हैं और आहार विशेषज्ञों की सलाह ले रहे हैं. साथ ही साथ दवाइयों को भी सेवन कर रहे हैं. लेकिन इस बीच भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने बिना दवाइयों के ही मोटापे से जूझ रहे लोगों का वजन कम करवा कर बड़ी राहत दी है. एम्स ने एक शख्स का 15 दिनों में 11 किलो वजन कम करवा दिया तो वहीं एक अन्य को 104 किलो से 88 किलो तक पहुंचा दिया. मोटापे के मरीजों के लिए एम्स भोपाल बना वरदान...
एम्स के विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को अपनी लाइफस्टाइल इतनी व्यवस्थित और संतुलित रखनी चाहिए जिससे बीमारियां आसपास फटक भी न सकें. अपने डेली रूटीन में योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन व्यतीत किया जा सकता है.
इसके लिए एम्स भोपाल के आयुष विभाग में रोज सुबह 7:00 बजे और 11:00 बजे योग सत्र आयोजित किए जाते हैं. जहां बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी भाग लेते हैं. इन योग सत्रों से लोगों को तनाव, रक्तचाप, मधुमेह, अनिद्रा, मोटापा जैसी बीमारियों में काफी लाभ मिल रहा है.
105 किलो के मेघ अब 94 के हुए
एम्स के डायरेक्टर प्रोफेसर अजय सिंह ने बताया कि योग सत्र में भाग लेने वाले मेघ मिश्रा ने केवल 15 दिनों में 11 किलो वजन कम कर लिया. 105 किलो वजन और गले में दर्द और एसिड रिफ्लेक्स जैसी समस्याओं से जूझ रहे मेघ आयुर्वेद विभाग में इलाज और योग के नियमित अभ्यास के बाद अब 94 किलो के हो गए.
वजन के साथ सौरभ ने दूर की चिंता और नींद की समस्या
एक अन्य लाभार्थी सौरभ चौरसिया ने मात्र एक महीने में 16 किलोग्राम वजन काम कर लिया. चिंता, नींद न आने और घबराहट जैसी समस्याओं से परेशान सौरभ का वजन बढ़ता ही जा रहा था. आयुष विभाग में जब वह इलाज के लिए आए तो 104 किलो के थे लेकिन योग सत्र ज्वाइन करने के साथ-साथ डाइट पर नियंत्रण रखकर अपना वजन 88 किलो तक ले आए.
मुफ्त में योग की ट्रेनिंग
एम्स आयुष विभाग में योग ट्रेनर चंचल सूर्यवंशी ने बताया, " यहां योग के सेशन मुफ्त में आयोजित किए जाते हैं. योग से कई बीमारियों में काफी आराम मिलता है और मनुष्य सक्रिय बना रहता है.
इनका कहना
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अजय सिंह आयुष विभाग में इंटीग्रेटेड हेल्थ क्लिनिक के जरिए तमाम चिकित्सा पद्धतियों (होम्योपैथी, एलोपैथी, आयुर्वेद) को अपनाकर लोगों को इलाज लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
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