उत्तराखंड के डुमक गांव में नहीं पहुंची सड़क, देश के मुख्य चुनाव आयुक्त 18 किमी पैदल चलकर पहुंचे

देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे के बाद सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित इस क्षेत्र के लोगों में विकास की उम्मीद जगी है. डुमक गांव तक सड़क मार्ग से 18 किलोमीटर पगडंडी वाले रास्ते पर चलकर ही पहुंचा जा सकता है. वहां सबसे दूरस्थ पोलिंग बूथ भी है.

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अपनी टीम के साथ दुर्गम बूथ तक पहुंचे सीईसी अपनी टीम के साथ दुर्गम बूथ तक पहुंचे सीईसी

संजय शर्मा

  • देहरादून,
  • 03 जून 2022,
  • अपडेटेड 11:58 PM IST
  • उत्तराखंड के सबसे दूर वाले बूथ पहुंचे सीईसी
  • 18 किमी पगडंडी के रास्ते से पहुंचे चुनाव अधिकारी

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार अपनी सहयोगी उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या और अन्य अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के पहाड़ों में पैदल 18 किलोमीटर की चढ़ाई पार कर मतदाताओं से मिले. उन्होंने वोटर्स की समस्याओं और सुविधाओं का जायजा लिया. किमाणा और डुमक गांव के लोगों ने उनका स्वागत किया.

देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे के बाद सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित इस क्षेत्र के लोगों में विकास की उम्मीद जगी है. डुमक गांव तक सड़क मार्ग से 18 किलोमीटर पगडंडी वाले रास्ते पर चलकर ही पहुंचा जा सकता है. वहां सबसे दूरस्थ पोलिंग बूथ भी है. उन्होंने उसका भी मुआयना किया. सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि उनका यहां आने का मकसद दूरस्थ क्षेत्रों में जाने वाली पोलिंग पार्टियों का हौसला बढ़ाना और ग्रामीणों में मतदान के प्रति उत्साह बढ़ाना है.  

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सड़क मार्ग से पहुंचे डुमक 

उत्तराखंड की मुख्य चुनाव अधिकारी सौजन्या के साथ राजीव कुमार शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी स्थित सेमलडाला मैदान पहुंचे. यहां से वे सड़क मार्ग से डुमक गांव के लिए रवाना हुए. उर्गम घाटी मार्ग पर किमाणा गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया. जिसके बाद सीईसी राजीव कुमार 18 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर दूरस्थ डुमक गांव पहुंचे.  

दूरस्थ पोलिंग स्टेशन में डुमक भी शामिल 

राजीव कुमार ने कहा कि देश में कई ऐसे दूरस्थ पोलिंग स्टेशन हैं, जहां के लिए पोलिंग पार्टियों को 3 दिन पहले ही रवाना करना पड़ता है. उत्तराखंड में दूरस्थ पोलिंग स्टेशन की सूची में डुमक भी शामिल है. उनका यहां तक आने का सबसे बड़ा मकसद ये है कि दूरस्थ क्षेत्रों में हमारी जो पोलिंग पार्टियां इतनी परेशानी झेलकर जाती आती हैं उनका हौसला बढ़ाया जाए और ग्रामीणों में भी मतदान के प्रति उत्साह बढ़े. सीईसी ने कहा कि उनके ऐसे दौरे अभी और होंगे जिससे आयोग को अपनी निगाह और अनुभव से आगे काम करने और कदम उठाने में ज्यादा आसानी हो.
 

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