जमीन पर उतरा योगी का 'प्रयागराज', बदल गया DM दफ्तर का नाम

योगी सरकार द्वारा बदला गया इलाहाबाद के नाम का असर अब कागज से उतरकर सच्चाई में दिखने लगा है. इलाहाबाद के डीएम दफ्तर के बाहर जिलाधिकारी प्रयागराज के बैनर लग गए हैं.

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डीएम दफ्तर के बाहर की तस्वीर, फोटो क्रेडिट- पीटीआई डीएम दफ्तर के बाहर की तस्वीर, फोटो क्रेडिट- पीटीआई

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा कुंभनगरी इलाहाबाद पर बहस अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुई थी कि इसका असर जमीन पर दिखना शुरू हो गया है. आधिकारिक रूप से नाम बदलने के कुछ दिन बाद ही इलाहाबाद के जिला अधिकारी दफ्तर (DM दफ्तर) का नाम भी बदल गया है. डीएम ऑफिस के बाहर अब "जिला अधिकारी, प्रयागराज" का बैनर चस्पा कर दिया गया है.

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बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने 16 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से इलाहाबाद का नाम बदलने का फैसला किया था. इस प्रस्ताव की मंजूरी राज्यपाल रामनाइक के द्वारा भी मिल गई थी.

विपक्ष के निशाने पर था फैसला

नाम बदलने की इस परंपरा पर विपक्ष की कई पार्टियों ने सवाल उठाए थे, कांग्रेस-सपा-बसपा ने इलाहाबाद का नाम बदलने का पुरजोर विरोध किया था. इसके अलावा सोशल मीडिया पर इस खबर ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं.  

सिर्फ देश ही नहीं बल्कि योगी सरकार के इस फैसले को दुनियाभर में कवरेज मिली थी. दुनिया के कई बड़े अखबारों ने इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरा था.

गौरतलब है कि अगले साल होने वाले कुंभ से पहले इलाहाबाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है. योगी सरकार कुंभ को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही है, शहर में जीर्णोद्धार का काम युद्ध स्तर पर जारी है. योगी कैबिनेट ने हाल ही में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

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अकबर ने बदला था नाम

दरअसल, पुराणों में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज ही था. लेकिन अकबर के शासनकाल में इसे बदलकर इलाहाबाद कर दिया गया था. इतिहासकार बताते हैं कि अकबरनामा और आईने अकबरी व अन्य मुगलकालीन ऐतिहासिक पुस्तकों से ज्ञात होता है कि अकबर ने सन 1574 के आसपास प्रयागराज में किले की नींव रखी थी.

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