मोबाइल पर मैसेज भेजने पर इलाहाबाद HC के चीफ जस्टिस नाराज, जारी किया आदेश

इलाहाबाद हाईकार्ट के चीफ जस्टिस पर्सनल मोबाइल पर डिस्ट्रिक जजों के जरिए बधाई संदेश भेजे जाने से खफा हो गए हैं. उन्होंने बाकायदा इसको लेकर एक आदेश जारी किया है.

सांकेतिक तस्वीर
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 23 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 12:29 AM IST

मोबाइल पर बधाई संदेश भेजने पर कुछ लोग नाराज भी हो सकते हैं. ऐसा ही नाराजगी का एक मामला उत्तर प्रदेश से सामने आया है, जहां इलाहाबाद हाईकार्ट के चीफ जस्टिस पर्सनल मोबाइल पर डिस्ट्रिक जजों के जरिए बधाई संदेश भेजे जाने से खफा हो गए हैं.

मोबाइल पर बधाई संदेश भेजे जाने से नाराज हुए इलाहाबाद हाईकार्ट के चीफ जस्टिस ने बाकायदा इसको लेकर एक आदेश भी जारी किया है. चीफ जस्टिस का लेटर सभी डिस्ट्रिक जजों और न्यायिक अधिकारियों को भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि वे कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी और इमरजेंसी के अलावा कभी भी व्हाट्सएप पर मैसेज ना भेजें.

दरअसल, हाल में ही कई डिस्ट्रिक जजों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों पर उनके निजी मोबाइल पर बधाई संदेश भेजे थे. जिसके बाद चीफ जस्टिस के आदेश पर महानिबंधक ने एक लेटर जारी कर सभी डिस्ट्रिक जजों और न्यायिक अधिकारियों को भेजा गया है कि वो जन्माष्टमी के अलावा किसी भी त्योहारों पर व्हाट्सएप मैसेज न भेजें.

बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप मैसेज जज के लिए परेशानी का सबब बन रहा है क्योंकि काम करते वक्त ऐसे मैसेज लगातार उनके स्मार्टफोन पर आ रहे थे. सभी जिला न्यायालय के न्यायाधीशों को भी ऐसे किसी भी मैसेज को भेजने से मनाही की गई है और इस निर्देश को मोस्ट अर्जेंट बताया गया है.

हालांकि किसी इमरजेंसी के वक्त पर चीफ जस्टिस को मैसेज भेजा जा सकता है.

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