उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्थित सोहगीबरवा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के वेबसाइट का उद्घाटन करने पहुंचे वन राज्यमंत्री डॉक्टर अरुण सक्सेना के सामने सिसवा विधानसभा से विधायक प्रेम सागर पटेल का दर्द छलक पड़ा. विधायक ने वन मंत्री से कहा की डीएफओ कहते हैं ''नो हिंदी'' यह हिंदी भाषी क्षेत्र है यहा हिंदी जानने वाला डीएफओ लाइए.
विधायक ने वन विभाग के इतिहास पर लिखी पुस्तिका पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इसे हिंदी में होनी चाहिए. मुझे इंग्लिश नहीं आती और मेरी पत्नी भी अनपढ़ है. इसमें क्या लिखा है मुझे अपने बच्चों से पढ़वा कर सुनना होगा. इसलिए इस पुस्तिका को हिंदी में होना चाहिए. वहीं इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि जंगल के किनारे बसे लोगों को हम शौचालय और एलपीजी गैस देकर उनके जान और जंगल रक्षा करेंगे.
शौचालय ना होने की वजह से स्थानीय लोगों को जंगल जाना पड़ा है, जिसकी वजह से जंगली जानवर उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं. इन लोगों को खाना बनाने के लिए जंगल से लकड़ी काट कर लानी पड़ी है. LPG गैस पहुंचने से यह दिक्कत भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा. देश के अंतिम छोर पर नेपाल के राष्ट्रीय चितवन पार्क व बिहार के वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व से सटे महराजगंज जिले की सोहगीबरवा वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में ईको टूरिज्म के सपने को आज परवाना मिल जाएगा.
वन व पर्यावरण मंत्री अरूण कुमार सक्सेना ने कहा कि सोहगीबरवा में बौद्ध स्थल के रूप में रामग्राम जैसा महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं, जहां भगवान बुद्ध का आठवां अस्थि स्तूप सुरक्षित है. इससे यहां धार्मिक पर्यटन की भी अच्छी संभावना है. जंगल सफारी जैसे कार्यक्रम से न सिर्फ आर्थिक विकास होता है बल्कि लोगों में पर्यावरण व जंगल के प्रति लगाव पैदा होता है.
अमितेश त्रिपाठी