पाकिस्तान सरकार की गारंटी के बाद भी घर नहीं लौटी अपहृत सिख लड़की, परिजन देख रहे राह

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर चौधरी सरवर के आश्वासन के बाद भी अब तक सिख लड़की जगजीत कौर अपने घर वापस नहीं लौटी है. जगजीत कौर के परिजन उसकी राह देख रहे हैं. जगजीत कौर का धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम युवक से जबरन शादी करा दी गई थी.

सिख लड़की अभी तक नहीं पहुंची अपने घर (फाइल फोटो)
हमजा आमिर
  • लाहौर,
  • 26 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:42 PM IST

  • पाकिस्तान में अपहरण और धर्मपरिवर्तन के बाद कराई गई थी मुस्लिम युवक से शादी
  • पंजाब प्रांत के गवर्नर के आश्वासन के एक हफ्ते बाद भी शेल्टर होम में रह रही जगजीत कौर

पाकिस्तान में कुछ दिन पहले एक सिख लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम लड़के से शादी कराए जाने का मामला सामने आया था. इस पर भारत के दबाव के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर चौधरी सरवर ने आश्वासन दिया था कि लड़की को उसके परिवार के पास वापस भेजा जाएगा, लेकिन एक हफ्ते बीत गए और लड़की का परिवार अब भी उसकी वापसी का इंतजार कर रहा है.

एक हफ्ते पहले भारत के लगातार दबाव और पाकिस्तान के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद लड़की के कथित ससुरालवालों ने उसे अपने परिजनों के पास वापस जाने की रजामंदी दे दी थी. मुस्लिम युवक मोहम्मद हसन और सिख युवती जगजीत कौर के परिवारों के बीच मीटिंग का वीडियो भी सार्वजनिक किया गया था. दोनों परिवारों को गवर्नर चौधरी सरवर के आवास पर मिलवाया गया था.

सार्वजनिक किए गए वीडियो में गवर्नर चौधरी यह आश्वासन देते दिख रहे हैं कि दोनों परिवारों के बीच विवाद का निपटारा हो गया है और लड़की कुछ ही दिन में अपने परिवार के साथ होगी. हालांकि पाकिस्तान के पंजाब स्थित ननकाना साहिब में रहने वाला लड़की का परिवार अब भी जगजीत कौर के लौटने का इंतजार कर रहा है.

सिख लड़की को कुछ दिन पहले किया गया था अगवा

आपको बता दें कि जगजीत कौर को कुछ दिनों पहले ही अगवा कर लिया गया था. अगवा करने के बाद उसका धर्म परिवर्तन कराया गया था और उसका नाम बदल कर आयशा रख दिया गया था. इसके बाद एक मुस्लिम युवक से उसकी शादी करा दी गई थी. इस मामले पर बवाल होने और केस दर्ज होने के बाद आयशा को कोर्ट के आदेश पर दारुल अमन नाम के महिला आश्रय गृह भेज दिया गया था.

क्या कहना है आरोपी हसन का?

इंडिया टुडे को सूत्रों से पता चला है कि जगजीत ​कौर अब भी लाहौर के दारुल अमन में ही रह रही है और उसका कथित पति हसन शादी के बाद समझौते के मुताबिक पीछे हटने को तैयार नहीं है. इसके अलावा हसन ने लाहौर हाईकोर्ट से वह केस भी वापस लेने से इनकार कर दिया है, जिसमें उसने अपील की है कि उसकी और जगजीत कौर उर्फ आयशा की शादी बिना किसी दबाव के दोनों की मर्जी से हुई है. उसने कोर्ट से जगजीत कौर के परिवार से खतरा होने की बात कहकर सुरक्षा की अपील की है.

लड़की के पिता ने दर्ज कराई थी एफआईआर

हाईकोर्ट में जो याचिका दाखिल हुई है, उसमें जगजीत कौर का भी बयान है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया और हसन से शादी की. जब तक कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती है, तब तक जगजीत कौर घर नहीं जा सकती है. कुछ दिन पहले ही ननकाना साहिब में रहने वाले जगजीत के पिता और सिख धर्मगुरु ने आरोप लगाया था कि बंदूक की नोक पर उनकी 19 वर्षीय बेटी जगजीत कौर का अपहरण किया गया. परिवार ने स्थानीय पुलिस में जगजीत कौर के अपहरण को लेकर 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

लड़की का इस्लाम कबूल करने का वीडियो आ चुका है सामने

अपहरण के बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें जगजीत कौर और मोहम्मद हसन निकाह करते दिख रहे हैं. इस वीडियो में जगजीत यह कहती दिख रही है कि उसने धर्म परिवर्तन करके इस्लाम कबूल कर लिया है और नाम आयशा रख लिया है. वीडियो में वह यह भी कहती दिख रही है कि उसने ऐसा अपनी मर्जी से किया है.

लाहौर हाईकोर्ट में जगजीत कौर ने भी दायर की याचिका

जगजीत कौर ने भी लाहौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उसने अपने घरवालों से अपनी और अपने शौहर की सुरक्षा की मांग की है. याचिका में जगजीत का दावा है कि उसके परिवार वाले उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. जगजीत ने ​मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान दिया है कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया और 28 अगस्त को मोहम्मद हसन से शादी की. उसने यह भी दावा किया है कि उसके भाई की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर निराधार है. कौर ने यह भी कहा है कि वह अपने शौहर के साथ रहना चाहती और अपने घर वापस नहीं जाना चाहती.

पंजाब के गवर्नर ने दोनों पक्षों से की बातचीत

पाकिस्तान में सिख समुदाय के प्रदर्शन और दबाव के बाद पंजाब के गवर्नर के हस्तक्षेप से प्रशासन ने जगजीत को अपनी हिरासत में लेकर आश्रय गृह भेज दिया था. इसके बाद एक तरफ तो पुलिस ने जगजीत कौर के अपहरण में शामिल 8 संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया, दूसरी तरफ गवर्नर ने मामले का संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों से बातचीत की थी. इस मामले में एक जांच कमेटी का भी गठन किया गया था.

दोनों पक्षों की बातचीत का जो वी​डियो जारी हुआ, उसमें गवर्नर सरवर सिख समुदाय के लोगों और हसन के परिवार से बातचीत करते दिख रहे हैं. उनका दावा था कि मामले का निपटारा हो गया है. यह शादी अमान्य होगी और लड़की को उसके घर भेज दिया जाएगा. लेकिन अभी तक जगजीत की घर वापसी नहीं हो पाई है, क्योंकि हसन ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है.

क्या आयशा खुद नहीं लौटना चाहती है अपने घर?

इंडिया टुडे के सूत्रों का दावा है कि आयशा खुद अपने घर वापस नहीं जाना चाहती. अब मामला लाहौर हाईकोर्ट में है और यह शादी अमान्य घोषित करके आयशा को वापस भेजने के लिए कोर्ट दोनों के बयान दर्ज करेगी, जिसके आधार पर फैसला होगा. जब तक यह कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक आयशा आश्रय गृह में ही रहेगी.

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