चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ीं, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में मांगा जवाब

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को क्षतिपूर्ति में 10,000 करोड़ रुपये की मांग करने वाले 63 मून्स टेक्नालॉजी की ओर से दायर मुकदमे के जवाब में वरिष्ठ नौकरशाहों ने अपना हलफनामा दायर किया.

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ीं (फाइल फोटो-PTI)
दिव्येश सिंह
  • मुंबई,
  • 22 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 6:26 PM IST

  • क्षतिपूर्ति में 10,000 करोड़ रुपये की मांग वाले मुकदमे में जवाब मांगा
  • चिदंबरम, दो नौकरशाह 8 सप्ताह के भीतर दायर करें हलफनामा-HC

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को क्षतिपूर्ति में 10,000 करोड़ रुपये की मांग करने वाले 63 मून्स टेक्नालॉजी की ओर से दायर मुकदमे के जवाब में वरिष्ठ नौकरशाहों ने अपना हलफनामा दायर किया. जस्टिस एके मेनन ने चिदंबरम और दो नौकरशाहों केपी कृष्णन और रमेश अभिषेक को 8 सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया.

क्या है मामला

पूर्व में फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के नाम से जानी जाने वाली 63 मून्स टेक्नालॉजी ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और दो नौकरशाहों के खिलाफ 12 जून को मुकदमा दायर किया था, जिसमें चिदंबरम के वित्त मंत्री के कार्यकाल के दौरान दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया था.

इसमें कहा गया है कि जब कृष्णन कौशल विकास मंत्रालय में सचिव थे, तब रमेश अभिषेक फॉरवर्ड मार्केट्स कमीशन के अध्यक्ष थे. कंपनी अपनी एक सहायक कंपनी, नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड में डिफ़ॉल्ट संकट के मद्देनजर लगातार दुर्भावनापूर्ण कार्यों का सामना कर रही थी.

अभियोग के अनुसार, एनएसइएल, 63 मून्स टेक्नालॉजी और इसके संस्थापक जिग्नेश शाह का कहना है कि एकाधिक जांच एजेंसियों के पास उनके खिलाफ कोई निशान नहीं था. कंपनी ने हर्जाने में 10,000 करोड़ रुपये की मांग की है.

आईएनएक्स मीडिया केस में जमानत मिली

सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के दो महीने बाद चिदंबरम को मंगलवार को जमानत दे दी. वह अभी एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं.

जस्टिस आर. भानुमति, ए.एस. बोपन्ना और ऋषिकेश रॉय की पीठ ने यह आदेश दिया और उन्हें बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने चिदंबरम को एक लाख रुपये का निजी बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने का भी निर्देश दिया.

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