राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट का सोमवार को 43वां जन्मदिवस था. इस मौके पर वे वीडियो ऐप जूम के जरिए पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से जुड़े. पायलट के जन्मदिन पर राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में स्वैच्छिक ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाए गए. जूम पर जुड़े तमाम लोगों ने सचिन पायलट को बर्थडे की बधाई दी. इस दौरान लोगों ने सचिन पायलट जिंदाबाद की नारेबाजी भी की.
इसके साथ ही सोमवार को राजस्थान में ब्लड डोनेशन का एक रिकॉर्ड बना है. सोमवार शाम 7:00 बजे तक इकट्ठा किए गए आंकड़े के अनुसार 40 हजार यूनिट से ज्यादा ब्लड इकट्ठा हुआ है. राजस्थान में 200 विधानसभा सीट पर 500 से ज्यादा ब्लड डोनेशन के कैंप लगाए गए थे. जहां पर बड़ी संख्या में लोगों ने सचिन पायलट के जन्मदिन के अवसर पर ब्लड डोनेट किया.
कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए सचिन पायलट ने तय किया था कि इस बार अपने बर्थडे पर राज्य भर में ब्लड डोनेशन कैंप लगाएंगे. क्योंकि कोरोना काल में राज्य के ब्लड बैंक खाली हो गए हैं और लोगों को खून के लिए जूझना पड़ रहा है.
अपने जन्मदिन के मौके पर सचिन पायलट किसी से भी नहीं मिले. उन्होंने पहले ही कह दिया था कि कोरोना को देखते हुए वह किसी से नहीं मिलेंगे. जन्मदिन के मौके पर सचिन पायलट पहले फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से जुड़े, फिर जूम ऐप के जरिए ब्लड डोनेशन कैंपों पर अपने समर्थकों से बातचीत की.
राजस्थान कांग्रेस के पूर्व सचिव महेश शर्मा ने बताया कि अभी सभी ब्लड डोनेशन कैंपों से डेटा इकट्ठा किया जा रहा है. यह आंकड़ा और बढ़ सकता है. पायलट के जन्मदिन पर समर्थकों ने तय किया था कि सचिन पायलट 43 साल के हो रहे हैं लिहाजा 43 हजार यूनिट ब्लड इकट्ठा कर जश्न मनाया जाए. राजस्थान में अब तक 22,000 यूनिट ब्लड इकट्ठा करने का रिकॉर्ड रहा है.
अपने 43वें बर्थडे पर सचिन पायलट ने कहा कि मेरे लिए बर्थडे पर इससे बड़ा तोहफा नहीं हो सकता कि कोरोना वायरस के संकट में आप सभी लोगों ने एक नेक काम किया और ब्लड डोनेशन कैंप लगाए.
शरत कुमार