खींवसर विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने जीत दर्ज की है. उन्होंने कांग्रेस के सवाई सिंह चौधरी को 16948 वोटों से शिकस्त दी. हनुमान बेनीवाल को 83096 और सवाई सिंह को 66148 वोट मिले. जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रामचंद्र उत्ता 26809 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे.
खींवसर सीट
साल 2008 में भाजपा के टिकट पर खींवसर से हनुमान बेनीवाल विधायक हुए. इसके बाद उनकी वसुंधरा राजे से नहीं बनी और वह अलग हो गए. साल 2013 में वह निर्दलीय के रूप में जीते. अब वह अलग पार्टी बनाने की बात कह चुके हैं.
2013 चुनाव का रिजल्ट
हुनमान बेनीवाल (निर्दलीय)- 65,399 (43%)
दुर्ग सिंह (बीएसपी)- 42,379 (28%)
भगीरथ (बीजेपी)- 28,510 (19%)
2008 चुनाव का रिजल्ट
हुनमान बेनीवाल (बीजेपी)- 58,760 (45%)
दुर्गसिंह (बीएसपी)- 34,317 (27%)
नागौर जिले का सियासी समीकरण
यह जिला जाट राजनीति का केंद्र माना जाता है. बलदेव राम मिर्धा परिवार के दो सदस्य रामनिवास मिर्धा और नाथूराम मिर्धा के समय जाट राजनीति शिखर पर पहुंची. इन्हीं के चलते नागौर जाट राजनीति का सियासी केंद्र बना. मिर्धा परिवार की राजनीतिक हनक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आपातकाल के बाद जब कांग्रेस का उत्तर भारत से सफाया हो गया, तब विधानसभा चुनाव में मारवाड़ की 42 सीटों में से कांग्रेस ने 26 सीटें जीत लीं.
जिले में कुल 10 विधानसभा सीट हैं, जिनमें से 8 सामान्य वर्ग के लिए हैं, जबकि 2 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. पिछले चुनाव में इनमें से बीजेपी ने 5, कांग्रेस ने 4 और एक सीट निर्दलीय ने जीती थी.
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राहुल झारिया