ब्रिटिश राजनयिक ने गोल्डन टेंपल को लिखा 'स्वर्ण मस्जिद', मांगी माफी

विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के स्थायी अवर सचिव साइमन मैक्डॉनल्ड ने सोमवार एक ट्वीट में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को ‘स्वर्ण मस्जिद’ लिख दिया था.

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अमृतसर का स्वर्ण मंदिर (Getty Images) अमृतसर का स्वर्ण मंदिर (Getty Images)

अनुग्रह मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

ब्रिटेन के एक शीर्ष राजनयिक ने भारत के सबसे पवित्र स्थलों में से एक स्वर्ण मंदिर को एक मस्जिद करार दे दिया, जिस पर सिख समुदाय के विरोध के बीच उन्हें अपनी इस भूल के लिए माफी मांगनी पड़ी. विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के स्थायी अवर सचिव साइमन मैक्डॉनल्ड ने सोमवार एक ट्वीट में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को ‘स्वर्ण मस्जिद’ लिख दिया था.

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साइमन ने ट्वीट किया, ‘महारानी की जन्मदिन पार्टी में 1997 में अमृतसर के स्वर्ण मस्जिद (गोल्डन मॉस्क) में महारानी की तस्वीर भेंट की गई, उप-उच्चायोग की दीवार के लिए स्थायी स्मृति चिह्न के तौर पर इसे भेंट किया गया.’ लेकिन बाद में अपनी भूल का एहसास होने पर उन्होंने माफी मांगी.

विदेश कार्यालय के शीर्ष राजनयिक ने आज कहा, ‘मैं गलत था, मुझे दुख है. मुझे स्वर्ण मंदिर या इससे भी अच्छा श्री हरमिंदर साहिब कहना चाहिए था.’

बहरहाल, सिख फेडरेशन के अध्यक्ष भाई अमरीक सिंह ने कहा, ‘यह एक शीर्ष सिविल सेवक की बड़ी चूक थी और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है. यह उनके जैसे कद के व्यक्ति में काफी बेपरवाही दिखाता है.’

एक अंग्रेजी अखबार ने अमरीक के हवाले से कहा, ‘मेरी राय में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगना और गलती कबूल करना काफी नहीं है. हमें ब्रिटिश सरकार और वरिष्ठ सिविल सेवकों से प्रतिबद्धता की दरकार है ताकि ऐसी बेपरवाही और भेदभाव खत्म हो या फिर हम नफरत, अभद्रता और हिंसा की धमकियों का सामना करते रहें.’

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साइमन ने यह चूक ऐसे समय में की है जब लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने लेबर सरकार बनने पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में 1984 में भारतीय सेना की छापेमारी में ब्रिटिश सेना की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने की योजना का ऐलान किया है.

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