पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को सीबीआई ने आईकोर पोंजी स्कैम मामले में समन भेजा है. उन्हें 15 मार्च से पहले कोलकाता में सीबीआई के दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है. आईकोर ग्रुप पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज है. पार्थ को कथित तौर पर आईकोर के कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते देखा गया है. आईकोर ग्रुप पर निवेशकों को बड़े रिटर्न का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है.
बता दें कि सीबीआई ने आईकोर ग्रुप के खिलाफ केस दर्ज किया है. आईकोर ग्रुप पर लोगों को ज्यादा रकम लौटाने के बहाने 3 हजार करोड़ रुपये ऐंठने के आरोप हैं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई को यह मामला सौंपा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 में सीबीआई को चिटफंड संबंधी सभी मामलों को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था जिनकी जांच राज्य पुलिस कर रही थी. सीबीआई का कहना है कि इस बात के सबूत मिले हैं इस मामले में पार्थ चटर्जी की भी संलिप्तता है. इसलिए उन्हें तलब किया गया है.
इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर अनुकूल मैती और उनकी पत्नी कनिका को साल 2017 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. बाद में मुख्य आरोपी मैती की भुवनेश्वर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. वह न्यायिक हिरासत में थे.
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पार्थ चटर्जी को सीबीआई ने समन किया है. इससे पहले साल 2019 में शारदा घोटाले में केंद्रीय जांच अन्वेषण (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को तलब किया था. इस सिलसिले में पार्थ चटर्जी से सीबीआई ने पूछताछ भी की थी.
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मुनीष पांडे