कांग्रेस द्वारा संविधान और लोकतंत्र के अनादर का इतिहास उजागर हुआ. नेहरू सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार किया, मजदूर आंदोलन को दबाया, और कलाकारों को प्रताड़ित किया. इमरजेंसी के दौरान संविधान को कुचला गया. देवानंद, किशोर कुमार जैसे कलाकारों पर प्रतिबंध लगाए गए. यह खुलासा कांग्रेस के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति दोहरे मानदंडों को दर्शाता है. संविधान का सम्मान न करने वाली कांग्रेस की वास्तविकता सामने आई है.