बीते मंगलवार को तमिल नाडु के मिंजुर रेलवे स्टेशन पर एक डरा देने वाली वारदात सामने आई थी. यहां लोगों को एक शख्स बड़ा सूटकेस छोड़कर जाता हुआ दिखा तो उन्होंने पुलिस को खबर की. फिर जो हुआ वह डरा देने वाला था. सूटकेस उसी शख्स से खुलवाया गया और सूटकेस खुलते ही पुलिस और आम जनता के चेहरों के रंग उड़ गए. उसमें एक महिला की लाश थी. ये 65 साल की रमानी नाम की महिला शख्स की ही पड़ोसी थी.
सरकारी रेलवे पुलिस ने बुधवार को बताया कि शख्स और उसकी किशोर बेटी को यहां मिंजुर रेलवे स्टेशन पर अपनी पड़ोसी महिला के शव को सूटकेस में भरकर लावारिस छोड़ देने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
हत्या का संदिग्ध बालासुब्रमण्यम, सुनार बताया जाता है. उसको मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और उसे रिमांड पर ले लिया गया, जबकि उसकी 17 वर्षीय बेटी को लड़कियों के लिए सरकारी घर भेज दिया गया.पुलिस ने कहा कि बालासुब्रमण्यम और उनकी बेटी ने अपने बुजुर्ग पड़ोसी के शव को चेन्नई में फेंकने की योजना बनाई थी. कथित तौर पर जेवरातों के लिए उसकी हत्या की गई थी.
दरअसल, 43 साल के बालासुब्रमण्यम और उनकी 17 साल की बेटी सोमवार रात एक बड़ा सूटकेस लेकर मिंजुर रेलवे स्टेशन पहुंचे. फिर उन्होंने सूटकेस प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया और जाने लगे. यह देखकर चिंतित यात्रियों ने आरपीएफ को सूचित किया कि एक व्यक्ति अपना सामान छोड़ गया है.
आरपीएफ अधिकारियों को संदेह हुआ क्योंकि सूटकेस इतना बड़ा था कि उसे कोई कहीं भूल कर तो नहीं जा सकता था. उन्होंने कोरुक्कुपेट पुलिस को अलर्ट कर दिया. कोरुक्कुपेट पुलिस मौके पर पहुंची और बालासुब्रमण्यम से संपर्क किया. हालांकि, सूटकेस भूलने की बात पर वह कुछ हिचकिचाया तो टीम ने उसे ही इसे खोलकर सामान दिखाने के लिए कहा.
यात्री, आरपीएफ और पुलिस उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि सूटकेस में एक बुजुर्ग महिला का शव प्लास्टिक की शीट में लपेटा हुआ था. उसके सिर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे. पुलिस ने बालासुब्रमण्यम, उनकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
बता दें कि हत्या के बाद बड़े बैग और सूटकेस के जरिए लाशों को कई बार ठिकाने लगाया जाता रहा है. अपराधी शव से पीछा छुड़ाने के लिए अक्सर ऐसे पैंतरे अपनाते हैं जिसमें वे कई बार कामयाब भी हो जाते हैं.
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