अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा से सटे क्राडाडी जिले के ताली कस्बे के लोगों को आजादी के 75 साल बाद उनके सपनों की सड़क मिली है. न्यिशी समुदाय के न्योकुम उत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री खांडू कुमे ने पुल का उद्घाटन किया. इसके बाद सड़क मार्ग से ताली गए. आजादी के 75 साल बाद सड़क की सुविधा मिलने पर ताली के लोग बेहद खुश हैं. कस्बे में जश्न का माहौल है.
गौरतलब है कि सितंबर 2019 में कुमाय नदी पर बना 280 फीट का सिंगल लेन पुल मिट्टी के कटाव से क्षतिग्रस्त हो गया था. इस पुल को 14 करोड़ की लागत से बनाया गया था. नवंबर 2020 में पुल का पुनर्निर्माण शुरू किया गया था. विशाल नदी पर स्टील आर्क ब्रिज बनाया गया है. इसके निर्माण में 13 करोड़ 69 लाख की लागत आई है.
खुशी इस बात की है सड़क मार्ग से आया हूं
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ताली में न्योकुम उत्सव समारोह में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए न्योकुम की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान कहा कि "मैं दूसरी बार ताली आया, लेकिन खुशी इस बात की है कि इस बार ऐसी सड़क मार्ग से आया हूं. इससे पहले साल 2017 में यहां केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ आया था. इसी दौरान सड़क मार्ग से ताली आने का वादा किया था.
दशकों बाद ताली सड़क मार्ग से जुड़ा है
उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है, क्योंकि दशकों बाद अब ताली सड़क मार्ग से जुड़ा है. वर्तमान विधायक के प्रयासों की सराहना करता हूं, जिन्होंने सड़क और कुमे पुल को पाने के लिए कड़ी मेहनत की.
कहा था कि आप मजबूत बनें और निराश न हों
सीएम ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण ढहने के बावजूद दूसरी बार इसका निर्माण किया गया है. इस महत्वपूर्ण पुल के गिरने के बाद स्थानीय विधायक उदास और भावुक हो गए थे. लेकिन हमने कहा था कि आप मजबूत बनें और निराश न हों.
(इनपुट- युवराज मेहता)
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