महाराष्ट्र के बदलापुर में स्कूली बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण मामले में विपक्षी दलों ने अब महायुति गठबंधन पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं. विपक्षी दलों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि बदलापुर के जिस स्कूल में यह घटना हुई वह भाजपा से जुड़े एक ट्रस्टी द्वारा चलाया जाता है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना UBT के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी आरोप लगाया कि स्कूल के ट्रस्टी भाजपा से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि आरोपी चाहे जिस दल के हों उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता विजय वड्डेटीवार, जो महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, उन्होंने भी इस घटना पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस घटना के लिए उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है. जो खुद भाजपा से जुड़े हैं और उन्होंने लोकसभा का चुनाव भी लड़ा है. वड्डेटीवार ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया कि यदि मामले को दबा दिया गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
वहीं, एक और नेता अजय मुंडे ने दावा किया कि स्कूल RSS से जुड़ा हुआ है और स्कूल समिति के सचिव तुषार आप्टे भाजपा के पदाधिकारी हैं. एक वायरल बैनर में तुषार आप्टे की तस्वीर के साथ लिखा गया है कि वह अंबर्नाथ जिले के जनकल्याण समिति (जनहित) के अध्यक्ष हैं. एक अन्य वायरल पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पुलिस तुषार आप्टे को संरक्षण दे रही है.
भाजपा से जुड़े हैं तुषार आप्टे
आजतक ने तथ्यों की जांच की और स्कूल की वेबसाइट पर ट्रस्टी के नामों की सूची देखी. सूची में उधय कोटवाल अध्यक्ष और तुषार आप्टे सचिव के रूप में सूचीबद्ध हैं. तुषार आप्टे के फेसबुक पेज और उनके द्वारा पोस्ट किए गए बैनर की जांच की गई तो देखा गया कि वह अंबर्नाथ जिले में भाजपा के जनकल्याण समिति के अध्यक्ष हैं. एक बैनर में तुषार आप्टे के भाई चेतन आप्टे को बदलापुर नगर के उपाध्यक्ष के रूप में दिखाया गया है.
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा नेता चित्रा वाघ ने बुधवार को बदलापुर पुलिस स्टेशन का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने कहा कि आरोप लगाया जा रहा है कि यह स्कूल भाजपा के सदस्यों का है. लेकिन तथ्य यह है कि स्कूल ट्रस्ट में सभी पार्टियों के सदस्य हैं. स्कूल 1965 से संचालित हो रहा है. हर पांच साल में ट्रस्ट के सदस्य बदलते हैं.
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल, 13 अगस्त को स्कूल के टॉयलेट में दो किंडरगार्टन स्कूल की बच्चियों के साथ यौन शोषण किया गया था. यह घटना तब सामने आई जब 16 अगस्त को एक बच्ची ने अपने माता-पिता को इस घटना के बारे में बताया. आरोप है कि माता-पिता ने स्कूल और पुलिस से शिकायत की तो उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद स्थानीय लोगों ने बदलापुर स्टेशन पर तोड़फोड़ की.
दिव्येश सिंह