कंगना मामले में बीएमसी को अपना बचाव करना मुश्किल हो जाएगा. बीएमसी पर कई सवाल उठे हैं. एक वजह तो ये है कि कोरोना की वजह से बॉम्बे हाईकोर्ट ने 30 सितंबर तक मुंबई में किसी भी अवैध निर्माण पर एक्शन लेने में रोक लगाई थी. इसलिए लोग कह रहे हैं कि बीएमसी को कंगना का दफ्तर तोड़ने की इतनी क्या जल्दी थी कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना भी ज़रूरी नहीं समझा. दूसरी बात ये है कि बीएमसी ने सिर्फ 24 घंटे का समय देकर कंगना का दफ्तर तोड़ दिया जबकि इसी के बगल में फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के बंगले में अवैध निर्माण तोड़ने के लिए सात दिन का नोटिस दिया. कंगना के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को जवाब देने के लिए 18 सितंबर तय का समय दिया है। इसके बाद 22 सितंबर को इस पर सुनवाई होगी, लेकिन बीएमसी की हरकतों से उसकी नीयत पर सवाल उठ चुके हैं.