लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 18 अप्रैल को महाराष्ट्र की 10 सीटों पर मतदान हुआ. बुलढाणा लोकसभा सीट पर इस बार 62.50 फीसदी मतदान हुआ. ये आंकड़ा 2014 के चुनाव से 4 प्रतिशत ज्यादा है. यहां पर पिछले लोकसभा चुनाव में 58.66 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतदान के दौरान तेज धूप और जबरदस्त गर्मी के बीच मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतार देखी गई.
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महाराष्ट्र में 5 बजे तक 57.22% मतदान
बुलढाणा सीट पर दोपहर 3 बजे तक 45.94 फीसदी मतदान
महाराष्ट्र में दोपहर 3 बजे तक 46.63% मतदान
बुलढाणा सीट पर दोपहर 1 बजे तक 34.43 फीसदी मतदान
बुलढाणा सीट पर सुबह 11 बजे तक 20.49 फीसदी वोटिंग
महाराष्ट्र में सुबह 11 बजे तक कुल 21.47 प्रतिशत मतदान
बुलढाणा सीट पर सुबह 9 बजे तक 7.70% मतदान
चुनाव मैदान में हैं ये उम्मीदवार
बुलढाणा सीट से शिवसेना ने अपने मौजूदा सांसद जाधव प्रतापराव गणपतराव पर एक बार फिर दांव खेला है, जबकि कांग्रेस की ओर से डॉ राजेंद्र भास्करवर शिंगणे चुनाव लड़ रहे हैं.
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से अब्दुल हफीज अब्दुल अजीज को टिकट मिला है, जबकि 7 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. बता दें कि महाराष्ट्र की 10 लोकसभा सीटों पर दूसरे चरण में मतदान हुआ, जिसमें बुलढाणा, अकोला, अमरावती, हिंगोली, नादेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर सीटों पर 18 अप्रैल को वोटिंग हुई. इनमें से अधिकतर सीटें मराठवाड़ा क्षेत्र में हैं.
2014 का चुनावी समीकरण
2014 के लोकसभा चुनाव में भी शिवसेना के टिकट पर जाधव प्रताप राव चुनाव जीतकर सांसद बने थे. उन्होंने एनसीपी के प्रत्याशी कृष्ण राव इंगले को हराया था. बुलढाणा लोकसभा सीट से जाधव को लगातार दो बार जीत मिली है, इस बार भी शिवसेना ने उन्हें ही मैदान में उतारा है. वहीं, एनसीपी ने लगातार दो बार चुनाव में हार झेलने के बाद नए प्रत्याशी डॉ राजेंद्र भास्करवर शिंगणे को मैदान में उतारा है.
2014 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 23 सीटों पर बीजेपी जबकि 18 सीटों पर शिवसेना को जीत मिली थी. वहीं कांग्रेस को मात्र 2 सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 4 सीटों पर जीत मिली थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी-कांग्रेस के बीच गठबंधन है, जिसमें 23 सीटों पर शिवसेना जबकि 25 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं.
विधानसभा सीटों की स्थिति
बुलढाणा लोकसभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें आती हैं. इसमें बुलढाणा और चिखली विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. वहीं, सिंधखेड राजा और मेहकर विधानसभा सीट पर शिवसेना और खामगांव और जलगांव जामोद सीट पर बीजेपी का कब्जा है.
बुलढाणा लोकसभा सीट का इतिहास
बुलढाणा लोकसभा सीट पर सबसे पहले चुनाव 1951 में हुआ था. उस वक्त इस सीट से दो सांसद गोपालराव बाजीराव खेडकर और लक्ष्मण भातकर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. गोपालराव बाजीराव खेडकर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के पहले अध्यक्ष भी थे. 1957 के लोकसभा चुनाव में शिवराम रांगो राणे चुनाव जीते और 1962, 1967 में भी वो चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे.
1977 में करीब 30 साल में पहली बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. 1977 के लोकसभा चुनाव में रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया ने कांग्रेस को हराया और पहली बार दौलत गुंजाजी गवई चुनाव जीते. वहीं बुलढाणा लोकसभा सीट पर सिर्फ एक बार बीजेपी ने जीत हासिल की है. 1989 में यह सीट पहली बार बीजेपी के खाते में आई. सुखदेव नानाजी काले यहां से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. ऐसे में 2019 का मुकाबला काफी दिलचस्प है, क्योंकि बुलढाणा लोकसभा सीट से लगातार दो बार जीत हासिल करके सीट पर कब्जा जमाने वाले जाधव एक बार फिर मैदान में हैं. इस बार भी शिवसेना ने उन्हीं पर दांव खेला है.
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सना जैदी