पुणे के वाघोली इलाके में एक दुबई में रहने वाली महिला की 10 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए बेचने के प्रयास के मामले में एक पुलिस अधिकारी समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों की पहचान चंदन नगर (ईस्ट) पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर राजेंद्र लांडगे, आनंद लालसाहब भगत, शैलेश सदाशिव थोम्बरे और सांगली जिले के इस्लामपुर निवासी अपर्णा यशपाल वर्मा उर्फ अर्चना पाटेकर के रूप में हुई है.
अधिकारी ने बताया कि लांडगे, जो उस समय चंदन नगर पुलिस स्टेशन में सीनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे. उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर दुबई में रहने वाली असली ज़मीन मालिक अपर्णा वर्मा की जगह अर्चना पाटेकर को उनका प्रतिरूप बनाकर आनंद भगत को ज़मीन बेचने का षड्यंत्र रचा. इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए वर्मा के नाम से फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड तैयार किए गए थे.
इसके बाद 2023 में आनंद भगत ने चंदननगर थाने में अपर्णा वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए ज़मीन बेची है. उस समय लांडगे ही थाना प्रभारी थे. जांच में सामने आया कि यह शिकायत असली ज़मीन मालकिन पर दबाव बनाने और ज़मीन पर कानूनी विवाद खड़ा करने की मंशा से की गई थी, ताकि उसे सौदे के लिए मजबूर किया जा सके.
जब दुबई में रहने वाली असली अपर्णा वर्मा को इस फर्जी शिकायत की जानकारी मिली तो उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया. इसके बाद हुई पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि असली अपर्णा वर्मा ने कोई धोखाधड़ी नहीं की थी, बल्कि अर्चना पाटेकर ने फर्जी तरीके से ज़मीन बेचने का प्रयास किया था.
फिलहाल आरोपी आनंद भगत को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.
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