झारखंड में रूलिंग JMM के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है. शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन JMM सुप्रीमो शिबू सोरेन की बड़ी बहू और विधायक सीता सोरेन अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर हाउस के बाहर बैठ गयी. CCL के आम्रपाली प्रोजेक्ट में संस्थान द्वारा फॉरेस्ट लैंड के अतिक्रमण को उन्होंने मुद्दा बनाया था.
वहीं दूसरी तरफ JMM के ही संथाल परगना के बोरियो से विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने सदन के अंदर कहा कि शिबू सोरेन ने जीवन भर नशामुक्ति के लिए काम किया. आज भी वह समाज को नशा से दूर रहने रहने की सिख देते हैं. राज्य में उनके बेटे हेमंत सोरेन की सरकार है. ऐसे में यहां दूसरे राज्यों से शराब बेचने की मॉडल मंगाकर शराब बिक्री कराना शर्मनाक है.
यह बातें सदन के अंदर झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहीं. वह सूचना के माध्यम से सदन के अंदर उत्पाद विभाग से संबंधित छपी खबर का जिक्र कर रहे थे. जिसके अनुसार हेमंत सोरेन की सरकार इस प्रयास में है कि छतीसगढ़ मॉडल की तर्ज पर राज्य में शराब बिक्री कराई जाए.
'शिबू का चेला हूं, यह नहीं होने दूंगा'
आगे लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि मैं शिबू सोरेन का चेला हूं. उन्होंने आदिवासी समाज सहित दूसरे समाज को भी शराब से दूर रखा. सरकार जो गलत काम करने जा रही है, वह मैं नहीं होने दूंगा. जाहिर है JMM विधायकों इस तरह के बयान से लगता है कि पार्टी के अंदरखाने ही आपस मे मतभेद हैं या विधायकों को किसी कॉमन प्लेटफार्म पर बात रखने का मौका नहीं मिलता है. कहा जा रहा है कि हेमंत सोरेन के बड़े भाई स्वर्गीय दुर्गा सोरेन के नाम को संगठन में तरजीह नहीं मिलने से एक खेमे में नाराजगी है.
सत्यजीत कुमार