झारखंड: तबरेज अंसारी केस में 6 आरोपियों को हाईकोर्ट से मिली जमानत

झारखंड के सरायकेला के चर्चित तबरेज अंसारी मामले में छह आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई. तबरेज अंसारी की चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तबरेज अंसारी की मौत ब्रेन हैमरेज की वजह से बताई गई.

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तबरेज अंसारी केस में आरोपी को जमानत (फाइल फोटो) तबरेज अंसारी केस में आरोपी को जमानत (फाइल फोटो)

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 11 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

  • चर्चित तबरेज अंसारी केस में आरोपियों को जमानत
  • भीड़ ने बेरहमी से की थी पिटाई, बाद में हुई मौत

झारखंड के सरायकेला के चर्चित तबरेज अंसारी मामले में छह आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई. बता दें कि तबरेज अंसारी को चोरी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेरहमी से पीटे गए तबरेज अंसारी की मौत ब्रेन हैमरेज से बताई गई थी. वहीं, तबरेज अंसारी का वीडियो भी वायरल हुआ था. वीडियो से यह खुलासा हुआ था कि तबरेज को जय श्री राम और जय हनुमान बोलने के लिए मजबूर किया गया था.

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मंगलवार को इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आर मुखोपाध्याय की बेंच ने भीमसेन मंडल, चामू नायक, महेश महली, सत्यनारायण नायक, मदन नायक, विक्रम मंडल को छह माह बाद जमानत दे दी. सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी.

भीड़ ने की थी पिटाई, बाद में मौत

गौरतलब है कि झारखंड के सरायकेला-खरसावां में 17 जून को भीड़ ने बाइक चोरी के शक में 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की बुरी तरह से पिटाई की गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. इसके बाद 11 आरोपियों पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज हुआ. हालांकि, बाद में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कि कहा गया कि अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से मृत्यु हुई.

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वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से ये जानकारी देते हुए बताया गया था कि विसरा रिपोर्ट में तबरेज की मौत का कारण तनाव और दिल का दौरा बताया गया, इसलिए 11 आरोपियों के खिलाफ धारा 302 को हटाकर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में तब्दील करने का फैसला किया गया.

वहीं, तबरेज अंसारी की पत्नी ने सरायकेला के उपायुक्त से मुलाकत कर आरोपियों के खिलाफ धारा-302 हटाकर 304 किए जाने पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ वापस धारा-302 लगाई जाए. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आत्महत्या करने की चेतावनी दी थी. 

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