मॉब लिंचिंग: तबरेज की पत्नी ने दी खुदकुशी की धमकी, कहा- आरोपियों पर लगे धारा 302

तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस ने पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था. जबकि पुलिस ने इससे पहले तबरेज की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था.

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तबरेज अंसारी (फाइल फोटो) तबरेज अंसारी (फाइल फोटो)

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 16 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

  • लिंचिंग के शिकार हुए तबरेज अंसारी के परिजन उपायुक्त से मिले
  • पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ धारा-302 हटाने पर जताई नाराजगी

तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग मामला फिर से तूल पकड़ता जा रहा है. तबरेज की पत्नी ने सरायकेला के उपायुक्त से मुलाकत कर आरोपियों के खिलाफ धारा-302 हटाकर 304 किए जाने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ वापस धारा-302 लगाई जाए. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है.  

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तबरेज अंसारी की पत्नी शाहिस्ता परवीन अपनी मां और चचिया ससुर मौलाना मसरूर आलम के साथ सरायकेला उपायुक्त कार्यालय पहुंचीं, जहां काफी इंतजार के बाद उपायुक्त उनसे मिले. तबरेज के परिजनों ने बताया कि उनसे उपायुक्त ने कहा है कि बिसरा रिपोर्ट एसपी के पास ही है. आप लोग एसपी आवास से जाकर ले सकते हैं.

बता दें कि पुलिस ने पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था. पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था.

शाहिस्ता परवीन ने कहा 'मेरे पति की मौत को पूरी दुनिया ने देखा है. फिर भी मेरे पति के कातिलों को जिला प्रशासन द्वारा बचाया जा रहा है. उन कातिलों के ऊपर से धारा-302 को हटाकर धारा-304 लगाया गया है. अगर उन आरोपियों के खिलाफ दोबारा धारा-302 नहीं लगाई जाती है तो मैं उपायुक्त कार्यालय के समाने आत्महत्या कर लूंगी.'

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इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव डीके तिवारी ने कहा था ‘जांच पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर आधारित है. जांच के दौरान धाराएं बदल सकती हैं, लेकिन ये अंतिम नहीं है. जब तक मजिस्ट्रेट के सामने फाइनल चार्जशीट दाखिल नहीं हो जाती है ये डायनामिक प्रक्रिया है. यहां तक कि मजिस्ट्रेट भी अगर संतुष्ट नहीं होते तो धाराओं को बदलने का अधिकार रखते हैं.’

बता दें करीब सरायकेला-खरसावां में 17 जून को भीड़ ने बाइक चोरी के शक में 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की बुरी तरह से पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी. बाद में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कि कहा गया कि अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से मृत्यु हुई और यह कहा गया है कि यह पूर्व नियोजित हत्या का मामला नहीं है.

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