हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश, 389 सड़कें बंद, दो नेशनल हाईवे भी प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं. प्रदेश में 389 सड़कें बंद हैं, जिनमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. शिमला-मंडी और मंडी-कुल्लू मार्ग बाधित हैं. बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. BBMB ने पोंग डैम से पानी छोड़ने का अलर्ट जारी किया है. अब तक राज्य को 2,194 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 140 लोगों की मौत हो चुकी है.

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हिमाचल में 389 सड़कें बंद (File Photo: PTI) हिमाचल में 389 सड़कें बंद (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • शिमला,
  • 18 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 11:38 PM IST

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिसके कारण 389 सड़कें, जिनमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. वो यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं. 

वहीं, कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है. राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. शिमला-मंडी रोड तत्तापानी (सुन्नी) के पास सतलुज नदी के किनारे हुए भूस्खलन के कारण बंद हो गया है. 

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यहां सड़क की चौड़ाई सिर्फ 1.5 मीटर रह गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरनाक हो गई है. वहीं, वैकल्पिक मार्ग थली ब्रिज भी बंद है, जिसकी वजह से करसोग का शिमला से संपर्क कट गया है.

15 गांवों का संपर्क टूटा

कुल्लू जिले के पागल नाला के पास ऑट-लारजी-सैंज रोड पर भूस्खलन से लगभग 15 गांवों का संपर्क टूट गया है. इसी बीच, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने पोंग डैम से 20 अगस्त की सुबह 6 बजे से चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ने का अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों के अनुसार, हर 12 घंटे में 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर पानी का बहाव 75,000 क्यूसेक तक पहुंच सकता है.

कांगड़ा जिले के फतेहपुर, इंदौरा और देहरा में जिला प्रशासन ने निचले और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. मौसम विभाग के मुताबिक, धौलाकुआं में रविवार शाम से 113 मिमी बारिश दर्ज की गई. 

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शिमला में 48 मिमी बारिश

इसके अलावा जुब्बड़हट्टी और जोट में 70.8 मिमी, पालमपुर में 58.7 मिमी, शिमला में 48 मिमी और धर्मशाला में 31.7 मिमी बारिश हुई. कई जगहों पर तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई.

स्थानीय मौसम केंद्र ने 22 अगस्त तक राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश की ‘येलो वार्निंग’ जारी की है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, बंद हुई 389 सड़कों में से 193 मंडी जिले में और 104 कुल्लू जिले में हैं.

बारिश से अब तक प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. 20 जून से मानसून के आगमन के बाद से अब तक हिमाचल प्रदेश में 74 फ्लैश फ्लड, 36 बादल फटने और 70 बड़े भूस्खलन की घटनाएं दर्ज हुई हैं. इन घटनाओं में अब तक 140 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 लोग लापता हैं.

 

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