गुरुग्राम: फर्जी IPO ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम साइबर पुलिस ने फर्जी IPO ऐप के जरिए निवेश का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक शिकायतकर्ता के खाते से 2 लाख की ठगी की और बाद में बैंक खाता बेच दिया. पुलिस पूछताछ में कई अहम जानकारियां जुटा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

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दो साइबर ठग गिरफ्तार  (Photo: Representational ) दो साइबर ठग गिरफ्तार (Photo: Representational )

aajtak.in

  • गुरुग्राम,
  • 24 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST

गुरुग्राम साइबर पुलिस ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है जो फर्जी मोबाइल ऐप के माध्यम से लोगों को आईपीओ (IPO) में निवेश का झांसा देकर उनके बैंक खातों से पैसे ठगते थे. पुलिस ने गुरुवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शरद कांत मिश्रा (32) निवासी पटेल नगर और यतिन कुमार (30) निवासी जनकपुरी, दिल्ली के रूप में हुई है. दोनों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.

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पुलिस के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति ने 7 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के आईपीओ में निवेश करने के लिए कहा. उस व्यक्ति ने झांसे में आकर निवेश किया, जिसके बाद उसके बैंक खाते से लाखों रुपये की निकासी कर ली गई.

शिकायत मिलने के बाद साइबर अपराध (दक्षिण) थाने में मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें दिल्ली से धर दबोचा.

पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की गई राशि में से 2 लाख एक फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जो इन आरोपियों से जुड़ा हुआ था. पुलिस के अनुसार, बाद में इन दोनों ने उक्त बैंक खाता 30,000 में किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया.

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साइबर सेल के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) प्रियांशु देवान ने बताया कि अभी पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस ठगी रैकेट में और कौन-कौन शामिल हो सकता है, साथ ही, इस फर्जी ऐप से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके.

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वो निवेश से जुड़े किसी भी लिंक या ऐप पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और किसी अनजान व्यक्ति की सलाह पर अपने बैंकिंग विवरण साझा न करें.
 

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