ISRO की सैटेलाइट इमेज से NCB ने पकड़ी ड्रग तस्कर की अवैध संपत्ति

एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इसरो के एडवांस्ड डाटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (एडीआरआईएन) द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि कैसे राव ने तीन साल में देवभूमि-द्वारका जिले के जोडिया गांव में अपनी संपत्ति विकसित की और 50 लाख रुपये से अधिक के बंगले का निर्माण किया.  

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • अहमदाबाद,
  • 22 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा प्रदान की गई सैटेलाइट इमेजेज की मदद से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कथित ड्रग तस्कर ने अवैध संपत्ति का पता लगाया है. मालूम हुआ कि ड्रग तस्कर ने गुजरात के एक गांव में एक महलनुमा बंगला बनाया हुआ है. नवंबर 2021 में राज्य के मोरबी जिले में गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) द्वारा जब्त 600 करोड़ रुपये की हेरोइन मामले में मुख्य आरोपियों में से एक ईसा राव अभी फरार है. इस मामले की जांच फिलहाल एनसीबी के पास है.

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तस्करी के पैसे से बनाया बंगला

एनसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इसरो के एडवांस्ड डाटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (एडीआरआईएन) द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि कैसे राव ने तीन साल में देवभूमि-द्वारका जिले के जोडिया गांव में अपनी संपत्ति विकसित की और 50 लाख रुपये से अधिक के बंगले का निर्माण किया.  

पाकिस्तान के कराची में हो सकता है ईसा राव
 
अधिकारी ने बताया, जांच से पता चला है कि संपत्ति को ड्रग व्यापार से राव द्वारा अर्जित धन का उपयोग करके विकसित किया गया था. चूंकि उनका परिवार जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, इसलिए हमने सैटेलाइट इमेजेज का सहारा लिया. घर को अब जब्त कर लिया गया है. माना जा रहा है कि राव फिलहाल पाकिस्तान के कराची में हैं.

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2021 में जब्त की गई 120 किलोग्राम हेरोइन

नवंबर 2021 में, गुजरात एटीएस ने मोरबी जिले के झिनजुडा गांव में एक निर्माणाधीन घर से 120 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी, जिसकी वैश्विक बाजारों में कीमत 600 करोड़ रुपये थी. यहां ईसा राव के भाई मुख्तार हुसैन सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. एटीएस ने कहा कि ड्रग्स राव के पाकिस्तानी सहयोगियों द्वारा समुद्री मार्ग से भेजा गया था और शुरू में इसे देवभूमि द्वारका जिले में सलाया के पास तटीय क्षेत्र में छिपाया गया था, जिसके बाद इसे झिनजुडा ले जाया गया.

 

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