मुख्य सचिव की नियुक्ति पर AAP ने उठाए सवाल, बताया 'विशेष साजिश'

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में करीब 28 लाख मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं. जो प्रजातंत्र के लिए एक चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से अवैध तरीके से नाम कटने के मामले को सदन में जोर शोर से आम आदमी पार्टी के विधायक उठाने जा रहे हैं.

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AAP नेता सौरभ भारद्वाज (फोटो-इंडिया टुडे आर्काइव) AAP नेता सौरभ भारद्वाज (फोटो-इंडिया टुडे आर्काइव)

सना जैदी / पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 25 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 7:36 PM IST

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं. सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि जिस अफसर की देखरेख में इतने बड़े स्तर पर मतदाताओं का नाम हटाया गया, उनको एक साल जूनियर होने के बावजूद किन परिस्थितियों में दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया गया.

मुख्य सचिव पर दबाव बना रही है केंद्र सरकार!

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AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने 'आजतक' से खास बातचीत में कहा कि मुख्य सचिव कौन है इससे फर्क नहीं पड़ता बल्कि फर्क इस बात का पड़ता है कि क्या केंद्र सरकार मुख्य सचिव पर दबाव बना रही है. अंशु प्रकाश, एमएम कुट्टी, केके शर्मा व्यक्तिगत अच्छे आदमी होंगे लेकिन केंद्र सरकार का मकसद सिर्फ दिल्ली की केजरीवाल सरकार के काम मे अड़ंगा डालना है. उम्मीद है जो जनता दिल्ली को लेकर मोदी सरकार के इस रवैये को देख रही है वो जनता अपनी नीति बदले.

जूनियर अफसर को मुख्य सचिव बनाने के पीछे साज़िश

सौरभ भारद्वाज ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्य सचिव की नियुक्ति पर संदेह होता है. जिस अफसर की देखरेख में इतने बड़े स्तर पर मतदाताओं का नाम हटाया गया, उनको एक साल जूनियर होने के बावजूद किन परिस्थितियों में दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया गया, जबकि 86 के बैच वाले अफसरों की नियुक्ति की चर्चा चल रही थी. मनोज और नरेश कुमार को दरकिनार करके, एक तय प्रक्रिया से हटकर एक साल जूनियर को मुख्य सचिव बनाने के पीछे केंद्र सरकार की विशेष साज़िश रही होगी. केंद्र सरकार को बताना चाहिए जूनियर अफसर को मुख्य सचिव बनाने के पीछे क्या विशेष साज़िश है?

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AAP से अफसरों की नियुक्ति पर सलाह नहीं लेती केंद्र सरकार

आम आदमी पार्टी के मुताबिक शीला दीक्षित सरकार और आम आदमी पार्टी की 49 दिन की सरकार के दौरान अफसरों की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार मशवरा करती थी, लेकिन 2015 में आम आदमी पार्टी सरकार आने के बाद चुनी हुई सरकार से किसी भी नियुक्ति में सलाह नहीं ली जाती है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि दिल्ली सरकार में ऐसे व्यक्ति को केंद्र सरकार नियुक्त करना चाहती है जो कानून और संविधान को ताक पर रखकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज में रुकावट लाए.

दिल्ली सरकार को बदलना चाहती है बीजेपी

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने 'आजतक' से खास बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि किसी आला अधिकारी की नियुक्ति पर उस राज्य की सरकार को जानकारी दी जाती है. लेकिन दुर्भाग्यवश दिल्ली में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जहां किसी भी विभाग में अधिकारी या बड़े अफसर की नियुक्ति से पहले चुनी हुई सरकार से सलाह मशवरा नहीं किया जाता है. बीजेपी की सरकार हमेशा दिल्ली सरकार को बदलने की भावना से देखती है.

मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों पर झूठे केस

राघव चड्ढा को उम्मीद है कि जब नए मुख्य सचिव सरकार में शामिल हों और लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार कोई फैसला ले, तो अफसर उन फैसलों पर अड़ंगा न लगाएं. राघव चड्ढा ने कहा कि हमारी उम्मीद हमेशा ये रहती है कि दिल्ली की जनता के हक़ के काम करने वालों के साथ हम खड़े हैं. सारी अफसरशाही खराब नहीं हैं लेकिन कुछ अफसर बीजेपी के दवाब में आकर सरकार को रोकने का काम करते हैं. पुराने मुख्य सचिव ने हमारे मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों पर झूठे केस दर्ज कराए. इस तरह के रवैये पर सवाल उठते हैं.

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आपको बता दें कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) विजय कुमार देव को अब दिल्ली सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. विजय कुमार देव एजीएमयूटी कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे दिल्ली में परिवहन निगम के चेयरमैन, दिल्ली के मंडलायुक्त के साथ अन्य भी अहम पदों पर रह चुके हैं. इससे पहले अंशु प्रकाश मुख्य सचिव थे, उनके साथ हुई कथित मारपीट के मामले के बाद से ही आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से उनकी अनबन चल रही थी. हाल ही में उनका ट्रांसफर टेलिकॉम डिपार्टमेंट में कर दिया गया था.

हालांकि, क्या मुख्य सचिव बदल जाने से दिल्ली सरकार के साथ चल रही अनबन खत्म हो जाएगी अभी भी ये बड़ा सवाल बना हुआ है. क्योंकि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले दिनों फर्जी वोटिंग लिस्ट का मुद्दा उठाया था और चुनाव आयोग के साथ तू-तू मैं-मैं की थी. इस दौरान दिल्ली के चुनाव आयोग की जिम्मेदारी विजय कुमार देव के पास ही थी. यानी ऐसे में एक बार फिर मुख्य सचिव के पद पर वही व्यक्ति आया है, जिससे दिल्ली सरकार की पुरानी रार चल रही है.

सोमवार को दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र

बता दें कि दिल्ली सरकार ने सोमवार को 2 खास मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मिर्ची अटैक के मामले में दिल्ली पुलिस को घेरने के अलावा वोटर लिस्ट से नाम काटने का मुद्दा, आम आदमी पार्टी के विधायक सदन में उठाएंगे. दोनों ही मुद्दों को लेकर सदन के सामने प्रस्ताव भी रखा जाएगा.

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