छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. एक महिला ने अपने ही छोटी बहन के 9 महीने के बच्चे का अपहरण कर 7 लाख रुपये में बेच दिया. पुलिस ने इस सनसनीखेज खुलासे में महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है.
बड़ी बहन ने छोटी बहन के बेटे को अगवा कर बेचा
मामला दुर्ग के कसारीडीह का है. यहां की रहने वाली पीड़िता सुखारिन बाई ने महिला थाना सेक्टर-06 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बड़ी बहन संगनी बाई, जो पटना में आर्केस्टा में डांस करती है, उसने उसे जून महीने में अपने बेटे के साथ पटना बुलाया था.
वहां वह पांच दिन तक रही. जुलाई में संगनी और उसका प्रेमी संतोष उसे दानापुर रेलवे स्टेशन छोड़ने आए. स्टेशन पर उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर खाना लाने का बहाना बनाया और गायब हो गए.
पीड़िता ने जब दुर्ग लौटकर अपने पति को घटना की जानकारी दी तो मामले की शिकायत महिला थाना भिलाई में दर्ज कराई गई. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपी संतोष पाल के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की.
पटना से पकड़े गए आरोपी
पूछताछ के दौरान आरोपी संगनी बाई, संतोष पाल, प्रदीप कुमार और डॉक्टर बादल उर्फ मिथलेश का नाम सामने आया. इसके साथ ही हरियाणा के रहने वाले एफसीआई के रिटायर्ड चपरासी गौरी महतो को भी हिरासत में लिया गया.
जांच में सामने आया कि संगनी बाई ने अपने ही बहन के बेटे का अपहरण कर प्रदीप को सौंपा. प्रदीप ने बच्चे को डॉक्टर बादल के हवाले किया. इसके बाद बच्चे को 7 लाख रुपये में गौरी महतो को बेच दिया गया. गौरी महतो की कोई संतान नहीं थी और संपत्ति विवाद में वारिस की जरूरत के कारण उसने यह सौदा किया था.
बच्चा चोरी रैकेट का भंडाफोड़
दुर्ग के एसएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार तक पुलिस टीम भेजी गई और वहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया. आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. एएसपी ने कहा कि यह बच्चा चोरी का बड़ा रैकेट है. दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और लोग इसे बेहद शर्मनाक घटना करार दे रहे हैं.
रघुनंदन पंडा