बदलते दौर में एक बदलाव ये भी आया कि लोग अब सेक्स और मेंटल हेल्थ पर बात करने लगे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मनुष्य के लिए सेक्स इतना ही जरूरी है जितना खाना, पानी, हवा और रहने के लिए छत होना जरूरी है. सेक्स लाइफ आपकी मेंटल हेल्थ पर भी असर डालती है. हालांकि, ये पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों हो सकता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब इंसान की जरूरतें पूरी नहीं होती हैं, तो इसका असर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. इसलिए कई लोगों के लिए खुशी और संपूर्ण जिंदगी के लिए हेल्दी सेक्स लाइफ होना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं, सेक्स कैसे मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है.
पॉजिटिव इफैक्ट
> हैप्पी हार्मोन
सेक्स के बाद अगर आप खुशी महसूस कर रहे हैं तो ये इस बात का सबूत है कि सेक्स एक्टिविटी से डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन्स रिलीज हुए हैं, जिन्हें हैप्पी हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है.
> आत्मविश्वास को बढ़ावा
किसी रिश्ते में सेक्स की कमी से व्यक्ति असुरक्षित और आत्मविश्वास की कमी महसूस कर सकता है. इसी तरह अपने पार्टनर के साथ घनिष्ठता की भावना और इच्छा जाहिर करना कई लोगों के लिए आत्मविश्वास में सुधार करता है.
नेगेटिव इफैक्ट
सभी की मेंटल हेल्थ के लिए सेक्स या यौन गतिविधियां अच्छी नहीं होती हैं. अनहेल्दी यौन व्यवहार अक्सर शोषणकारी हो सकता है, ये स्वयं और दूसरों के प्रति असम्मानजनक हो सकता है और इंटिमेसी को बेहतर नहीं कर सकता, जो हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए जरूरी है. एक्सपर्ट के मुताबिक, हाइपर सेक्सुएलिटी, हस्तमैथुन, पोर्नोग्रापी और कैजुअल सेक्स जैसी चीजें मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं.
>बाध्यकारी सेक्स
बाध्यकारी सेक्स या सेक्स की लत जिन्हें नियंत्रित करना मुश्किल होता है, ये खुद के या पार्टनर दोनों के लिए नुकसानदायक होता है. ये स्वास्थ्य, नौकरी, रिश्तों या जीवन के अन्य हिस्सों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
>जोखिम भरा यौन व्यवहार
जोखिम भरा यौन व्यवहार जैसे असुरक्षित यौन संबंध, मल्टिपल सेक्सुअल पार्टनर का होना या ज्यादा रिस्क वाले साथी के साथ यौन संबंध के साथ-साथ बहुत कम उम्र में यौन गतिविधियों में शामिल होना भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. इनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
हस्तमैथुन और मेंटल हेल्थ
हस्तमैथुन स्वस्थ यौन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह आनंद का अनुभव करने का एक सामान्य, प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है. यह तनाव को कम करता है, मूड और नींद में सुधार करता है. हालांकि, बाध्यकारी हस्तमैथुन व्यक्ति के साथ-साथ उसके रिश्तों और सामाजिक-व्यावसायिक कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
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